Sun Pharma ने अपने इनोवेटिव ड्रग्स के लिए अमेरिकी टैरिफ में **2** साल की राहत हासिल की है। कंपनी ने Q1 FY27 में **27%** का जोरदार मुनाफा दर्ज किया है, लेकिन अब निवेशकों की नजर **$11.75 बिलियन** की Organon एक्विजिशन और अमेरिका में जेनेरिक बिजनेस पर दबाव पर टिकी है।
अमेरिका में मिली बड़ी राहत
Sun Pharmaceutical Industries ने अमेरिकी सरकार के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता किया है, जिसके तहत कंपनी के इनोवेटिव ड्रग पोर्टफोलियो पर लगने वाले Section 232 टैरिफ को 2 साल से अधिक के लिए टाल दिया गया है। इस डील के बदले में, Sun Pharma ने अमेरिकी Medicaid प्रोग्राम्स को 'मोस्ट फेवर्ड नेशन' (MFN) प्राइसिंग देने का वादा किया है। हालांकि इससे टैरिफ का बोझ कम हुआ है, लेकिन चुनिंदा दवाओं पर कम कीमत के कारण भविष्य में प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव दिख सकता है।
Q1 FY27 के दमदार नतीजे
कंपनी का फोकस अब स्पेशलिटी और इनोवेटिव दवाओं पर है, जो पारंपरिक जेनेरिक बिजनेस में आ रही सुस्ती की भरपाई कर रहे हैं। वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट साल-दर-साल 27% बढ़कर ₹2,895 करोड़ रहा। वहीं, रेवेन्यू 10.1% की बढ़ोतरी के साथ ₹15,183.6 करोड़ (151,836 मिलियन) दर्ज किया गया। वर्तमान में कंपनी की कुल सेल्स में इनोवेटिव दवाओं का योगदान 21.9% तक पहुंच चुका है।
Organon डील और रिस्क फैक्टर
निवेशकों की नजर कंपनी की सबसे बड़ी रणनीति, यानी $11.75 बिलियन की Organon एसेट एक्विजिशन पर है। यह ऑल-कैश डील 2027 की शुरुआत में पूरी होने की उम्मीद है। इसके बाद कंपनी का नेट डेट-टू-EBITDA रेशियो बढ़कर करीब 2.3x होने का अनुमान है, जो बैलेंस शीट पर दबाव दिखा सकता है। इसके अलावा, LIB Therapeutics के साथ कोलेस्ट्रॉल की दवा के लिए लाइसेंसिंग डील के जरिए कंपनी अपने पाइपलाइन को और मजबूत कर रही है।
फिलहाल, मार्केट की नजर इस बात पर है कि क्या नई इनोवेटिव दवाएं जेनेरिक बिजनेस के दबाव को झेल पाएंगी और कंपनी अपने कर्ज के स्तर को कैसे मैनेज करती है।
