Sun Pharmaceutical Industries Ltd. (Sun Pharma) ने साफ कर दिया है कि अब कंपनी विलय और अधिग्रहण (Mergers and Acquisitions) के मामले में काफी अनुशासित (disciplined) रुख अपनाएगी। इसका मुख्य मकसद ऑर्गेनिक बिजनेस ग्रोथ (organic business growth) को बढ़ावा देना है, जिससे शेयरधारकों (shareholders) को और ज्यादा फायदा हो सके। चेयरमैन दिलीप संघवी ने यह बात एनालिस्ट कॉल के दौरान कही, जिस पर कंपनी का फोकस एक आकर्षक निवेश अवसर (investment opportunity) बने रहने पर है।
अमेरिका में इनोवेशन और उभरते बाजारों पर खास ध्यान
संघवी ने बताया कि कंपनी का खास फोकस अमेरिका (US) के मार्केट पर रहेगा, जहां वे नई और इनोवेटिव दवाओं (innovative medicines) को लॉन्च करने पर ध्यान देंगे। यह कंपनी की ग्लोबल एम्बिशन (global ambition) का हिस्सा है। वहीं, उभरते हुए बाजारों (emerging markets) के लिए, Sun Pharma छोटे-छोटे 'टक-इन' अधिग्रहणों (tuck-in acquisitions) पर विचार कर रही है। ये छोटे अधिग्रहण मौजूदा बिजनेस के साथ आसानी से इंटीग्रेट (integrate) हो जाएंगे, जिससे कंपनी की इन महत्वपूर्ण ग्रोथ वाले रीजन्स में मौजूदगी बढ़ेगी। यह स्ट्रैटेजी बड़े पैमाने पर इंटीग्रेशन की बजाय एक मापा हुआ विस्तार (measured expansion) दिखाती है।
बायोसिमिलर सेगमेंट का मूल्यांकन जारी
जब कंपनी से बायोसिमिलर (biosimilar) सेगमेंट में Plans के बारे में पूछा गया, तो संघवी ने कहा कि इस पर गहराई से विचार किया जा रहा है। इसमें मैन्युफैक्चरिंग सेटअप, निवेश की लागत (investment costs), डेवलपमेंट का समय (development timelines) और संभावित रिटर्न (potential for meaningful returns) का पूरी तरह से मूल्यांकन किया जाएगा, तभी कोई बड़ा फैसला लिया जाएगा।
शेयरधारकों के वैल्यू पर प्रतिबद्धता
यह भी संकेत मिला कि अगर किसी जरूरी अधिग्रहण से कंपनी की लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजिक कैपेबिलिटीज (long-term strategic capabilities) मजबूत होती हैं, तो कर्ज (debt) लेने पर भी विचार किया जा सकता है। लेकिन यह तभी होगा जब कंपनी के मुख्य ग्रोथ पर कोई असर न पड़े। Sun Pharma का नेतृत्व लगातार अधिग्रहणों को लेकर सावधानी बरतने की बात कहता आया है। कंपनी का प्राइमरी लक्ष्य यही है कि बिजनेस को इस तरह से ऑर्गेनिकली ग्रो (organically grow) किया जाए कि वह निवेशकों के लिए हमेशा आकर्षक बनी रहे। अधिग्रहण तभी किए जाएंगे जब वे स्पष्ट रूप से कंपनी की लॉन्ग-टर्म स्ट्रैटेजी (long-term strategy) को मजबूती दें और मौजूदा ग्रोथ इनिशिएटिव्स (growth initiatives) से समझौता किए बिना उन्हें प्रभावी ढंग से मैनेज किया जा सके। इस अनुशासित नजरिए का उद्देश्य शेयरधारकों के लिए लगातार वैल्यू क्रिएट करना है।