Sun Pharma: असम प्लांट पर लटकी तलवार, क्वालिटी मानकों में चूक के बाद कामकाज बंद

HEALTHCAREBIOTECH
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Sun Pharma: असम प्लांट पर लटकी तलवार, क्वालिटी मानकों में चूक के बाद कामकाज बंद

रेगुलेटर्स ने Sun Pharmaceutical के असम स्थित मैन्युफैक्चरिंग प्लांट को तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश दिए हैं। यह कार्रवाई **332** बैच की आई-केयर (eye-care) दवाओं के रिकॉल के बाद की गई है, जो कंपनी के लिए एक बड़ी रेगुलेटरी चुनौती है।

प्लांट पर क्यों लगी रोक?

सेंट्रल ड्रग्स स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन (CDSCO) और असम ड्रग्स कंट्रोलर ने कोकझार गांव स्थित Sun Pharmaceutical Industries के प्लांट के ऑपरेशंस को 20 अगस्त से सस्पेंड कर दिया है। जांच में पाया गया कि प्लांट की क्वालिटी मैनेजमेंट सिस्टम में गंभीर खामियां थीं। अब कंपनी को इन कमियों को दूर करना होगा और रेगुलेटर्स से दोबारा प्रोडक्शन शुरू करने की मंजूरी लेनी होगी।

क्यों वापस ली गई दवाएं?

इस शटडाउन की शुरुआत जुलाई में हुई थी, जब कंपनी ने खुद अपनी 11 आई-केयर ब्रांड्स के 332 बैच को बाजार से वापस (Recall) लेने का फैसला किया था। ऑल इंडिया ऑप्थल्मोलॉजिकल सोसाइटी की ओर से दवाओं के बैच को लेकर शिकायतें मिली थीं, जिसके बाद इन उत्पादों की सुरक्षा और मैन्युफैक्चरिंग प्रोसेस पर सवाल उठने लगे थे।

बिजनेस पर असर

Sun Pharma के लिए ऑप्थल्मोलॉजी सेगमेंट काफी मायने रखता है, जो कंपनी के घरेलू रेवेन्यू में करीब 3% का योगदान देता है। कंपनी पहले ही Organon & Co के एसेट्स एक्विजिशन के चलते दबाव में है, जिसकी वजह से पिछले क्वार्टर में नेट प्रॉफिट में 36% की गिरावट दर्ज की गई थी। अब इस प्लांट बंदी से ऑपरेटिंग मार्जिन पर अतिरिक्त बोझ पड़ सकता है।

पुराने मामले और चिंताएं

यह पहली बार नहीं है जब कंपनी रेगुलेटरी रडार पर है। इससे पहले USFDA ने गुजरात के हलोल (Halol) प्लांट से शिपमेंट पर प्रतिबंध लगाया था। यह दिखाता है कि रेगुलेटर्स अब दवाओं की सेफ्टी को लेकर बहुत ज्यादा सख्त हो गए हैं। अब निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि कंपनी असम प्लांट को दोबारा खोलने के लिए क्या कदम उठाती है और इसका कंपनी की साख (Reputation) पर क्या असर पड़ता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.