Strides Pharma Science के चेन्नई स्थित अलाथुर फैसिलिटी में USFDA ने इंस्पेक्शन के बाद **3** ऑब्जर्वेशन जारी किए हैं। हालांकि कंपनी ने साफ किया है कि फिलहाल कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ा है, लेकिन निवेशकों की नजर अब कंपनी के जवाब पर टिकी है।
रेगुलेटरी प्रक्रिया को समझें
USFDA ने 11 सितंबर, 2026 को कंपनी की फॉर्मूलेशन फैसिलिटी का रूटीन इंस्पेक्शन पूरा किया था। इस दौरान एजेंसी ने 'फॉर्म 483' जारी किया, जिसमें 3 ऑब्जर्वेशन दर्ज किए गए हैं। अक्सर निवेशक 'फॉर्म 483' को लेकर घबरा जाते हैं, लेकिन यह कोई पेनल्टी या प्लांट बंद होने का नोटिस नहीं है। यह केवल एक औपचारिक प्रक्रिया है जिसके तहत कंपनी को उन बिंदुओं पर अपना स्पष्टीकरण देना होता है और सुधार की योजना बतानी होती है। कंपनी ने एक्सचेंज फाइलिंग में स्पष्ट किया है कि मैन्युफैक्चरिंग ऑपरेशंस बिना किसी रुकावट के जारी रहेंगे।
फाइनेंशियल प्रदर्शन और ट्रैक रिकॉर्ड
निवेशक इस खबर को कंपनी के हालिया मजबूत फाइनेंशियल नतीजों के साथ जोड़कर देख रहे हैं। जून 2026 की तिमाही में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹156.91 करोड़ रहा, जो पिछले साल की समान अवधि के ₹99.61 करोड़ के मुकाबले 57.3% का बड़ा उछाल है। इसी शानदार प्रदर्शन की बदौलत स्टॉक अपने 52-वीक हाई के करीब कारोबार कर रहा है।
कंपनी के लिए राहत की बात यह है कि उसका रेगुलेटरी ट्रैक रिकॉर्ड हाल ही में सुधरा है। अगस्त 2026 में ही कंपनी की बेंगलुरु फैसिलिटी को USFDA से 'एस्टेब्लिशमेंट इंस्पेक्शन रिपोर्ट' (EIR) मिली थी। अब बाजार यह देख रहा है कि क्या कंपनी चेन्नई प्लांट से जुड़े इन ऑब्जर्वेशंस का समाधान भी उतनी ही तेजी से कर पाएगी या नहीं।
