Star Health and Allied Insurance ने अपनी होम हेल्थ केयर (HHC) सेवा का विस्तार करते हुए इसे **300** शहरों तक पहुंचा दिया है। कंपनी ने ग्राहकों के उपयोग में **600%** की भारी बढ़ोतरी दर्ज की है। साथ ही, कंपनी ने पहली तिमाही (Q1 FY27) में **25%** की बढ़त के साथ **₹550 करोड़** का मुनाफा कमाया है, जिसमें अंडरराइटिंग प्रॉफिट में भी जोरदार सुधार देखा गया है।
Star Health की शानदार शुरुआत: होम केयर का जलवा
देश की सबसे बड़ी रिटेल हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी, Star Health and Allied Insurance, अपनी होम हेल्थ केयर (HHC) पहल को तेजी से बढ़ा रही है। अब यह सेवा 300 शहरों में उपलब्ध है। यह विस्तार कंपनी के मजबूत वित्तीय प्रदर्शन के साथ आया है, जिसने FY27 की पहली तिमाही में 25% साल-दर-साल की वृद्धि के साथ ₹550 करोड़ का प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) दर्ज किया। कंपनी के ग्रॉस रिटन प्रीमियम (GWP) में भी 19% की वृद्धि देखी गई, जो बढ़कर ₹4,287 करोड़ हो गया। यह भारत भर में हेल्थ इंश्योरेंस की बढ़ती मांग को दर्शाता है।
होम केयर से ग्राहकों को कैसे फायदा?
HHC प्रोग्राम के तहत, मरीजों को घर पर ही सामान्य बीमारियों जैसे श्वसन संक्रमण और बुखार के लिए कैशलेस मेडिकल केयर मिल जाती है। इस सेवा के तहत ग्राहकों की संख्या में पिछले साल की इसी तिमाही की तुलना में 600% का इजाफा हुआ है। पहली तिमाही में ही इस सेवा के माध्यम से 50,000 कंसल्टेशन दिए गए, जिसका लक्ष्य मामूली बीमारियों वाले मरीजों को तुरंत देखभाल प्रदान करना और अनावश्यक अस्पताल के दौरे को कम करना है।
अंडरराइटिंग प्रॉफिट में बड़ी उछाल
कंपनी की बेहतर वित्तीय स्थिति का एक मुख्य कारण अंडरराइटिंग प्रॉफिट है, जो Q1 FY27 में बढ़कर ₹111 करोड़ हो गया। यह पिछले साल की समान अवधि में ₹16 करोड़ था। यह इस बात का संकेत है कि कंपनी अपने क्लेम और प्रीमियम को अधिक प्रभावी ढंग से मैनेज कर रही है। कंपनी का कंबाइंड इंश्योरेंस सर्विस रेशियो (combined insurance service ratio), जो बताता है कि एक इंश्योरर अपनी कमाई के मुकाबले क्लेम और खर्चों पर कितना पैसा खर्च करता है, पिछले साल के 98.7% की तुलना में सुधर कर 97.0% हो गया।
SME और रिटेल पर फोकस
Star Health लाभप्रदता बनाए रखने के लिए अपने बिजनेस मिक्स को लेकर भी सतर्क है। कंपनी मध्यम और बड़े निगमों के लिए कुछ ग्रुप इंश्योरेंस सेगमेंट से जानबूझकर पीछे हट रही है, क्योंकि उन क्षेत्रों में लगातार नुकसान हो रहा है। इसके बजाय, कंपनी SME (छोटे और मध्यम आकार के उद्यम) सेगमेंट और अपने मुख्य रिटेल बिजनेस को प्राथमिकता दे रही है, जहां उसने पहली तिमाही में 29% का मार्केट शेयर बनाए रखा।
आगे की राह और जोखिम
होम केयर सेवा का विस्तार एक स्पष्ट ग्रोथ स्ट्रेटेजी है, लेकिन इसमें एग्जीक्यूशन रिस्क (execution risks) भी हैं। इस मॉडल की सफलता इन 300 शहरों में नर्सों और मेडिकल उपकरण आपूर्तिकर्ताओं जैसे थर्ड-पार्टी वेंडरों के नेटवर्क को सेवा की गुणवत्ता से समझौता किए बिना मैनेज करने की कंपनी की क्षमता पर निर्भर करेगी। निवेशकों को सेक्टर के व्यापक जोखिमों पर भी ध्यान देना चाहिए, जिनमें मेडिकल इन्फ्लेशन (medical inflation) शामिल है, जो समय के साथ क्लेम लागत को बढ़ा सकता है और प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव डाल सकता है। इसके अतिरिक्त, रिटेल हेल्थ इंश्योरेंस सेक्टर अत्यधिक प्रतिस्पर्धी बना हुआ है, जिसके लिए कंपनी को अपने मार्केट शेयर की रक्षा के लिए प्रीमियम प्राइसिंग के साथ सेवा की गुणवत्ता को लगातार संतुलित करना होगा।
भविष्य में, कंपनी के लिए मुख्य निगरानी योग्य बात यह होगी कि वह भौगोलिक पहुंच बढ़ाने के साथ-साथ अंडरराइटिंग लाभप्रदता को उच्च बनाए रखने की अपनी क्षमता को कैसे संतुलित करती है। बाजार प्रतिभागी देखेंगे कि HHC सेवा को अपनाने की गति जारी रहती है या नहीं और क्या इंश्योरर प्रतिस्पर्धी रिटेल बाजार में अपनी वर्तमान विकास गति को बनाए रख सकता है।
