CEO की जमानत से शेयर में तूफानी तेजी, पर असल चुनौतियां जस की तस
बाजार में आज Sigachi Industries के शेयरों में तूफानी तेजी देखी गई। शेयर 20% तक चढ़ गए। इस उछाल की मुख्य वजह कंपनी के CEO, अमित राज सिन्हा को तेलंगाना हाई कोर्ट से मिली जमानत है। सिन्हा को पिछले साल जून में हुई एक घातक फैक्ट्री धमाके के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
फैक्ट्री हादसे का दर्दनाक मंजर और प्रोडक्शन पर असर
यह धमाका 30 जून, 2025 को कंपनी के Pashamylaram प्लांट में हुआ था, जिसमें कम से कम 46 लोगों की जान चली गई थी और 33 लोग घायल हुए थे। इस हादसे के बाद कंपनी की प्रोडक्शन क्षमता का एक बड़ा हिस्सा प्रभावित हुआ। जो प्लांट हादसे का शिकार हुआ, वह सालाना 6,000 MTPA माइक्रोक्रिस्टलाइन सेल्युलोज (MCC) का प्रोडक्शन करता था। यह कंपनी की कुल 21,700 MTPA क्षमता का लगभग 28% हिस्सा था। इस प्लांट को मरम्मत के लिए करीब 90 दिनों तक बंद रखना पड़ा। तेलंगाना फायर डिपार्टमेंट ने भी प्लांट में सुरक्षा उपायों की कमी बताई थी, जो एक बड़ी चिंता का विषय है।
वित्तीय स्वास्थ्य पर सवाल और एनालिस्टों की 'Strong Sell' राय
CEO की जमानत से भले ही कंपनी को थोड़ी राहत मिली हो, लेकिन Sigachi Industries की मुश्किलें कम नहीं हुई हैं। कंपनी का मार्केट कैप लगभग ₹900 करोड़ के आसपास है। लेकिन, कंपनी पर कर्ज का बोझ बढ़ गया है। इसका डेट-इक्विटी रेश्यो बढ़कर 2.86 हो गया है, जो एक उच्च स्तर का वित्तीय जोखिम दर्शाता है। साथ ही, कंपनी का ROCE (Return on Capital Employed) सिर्फ 4.37% है, जो बेहद कम है। ऐसे में, कई ब्रोकरेज फर्मों ने कंपनी के प्रति चिंता जताई है। MarketsMOJO जैसी एनालिस्ट फर्म ने 12 जनवरी, 2026 को कंपनी को 'Strong Sell' रेटिंग दी है। इसके पीछे घटती मुनाफा कमाने की क्षमता, गिरती नेट सेल्स और प्रमोटरों की बड़ी हिस्सेदारी (40.32% दिसंबर 2025 तक) गिरवी रखना जैसे कारण बताए गए हैं। कंपनी का P/E रेश्यो भी अस्थिर रहा है, और कुछ रिपोर्टें तो निगेटिव EPS (Earnings Per Share) यानी नुकसान का इशारा करती हैं।
आगे की राह बेहद मुश्किल
भले ही स्टॉक में आज तेजी आई हो, लेकिन एनालिस्टों का मानना है कि कंपनी को अपनी खोई हुई प्रोडक्शन क्षमता को वापस पाने, सुरक्षा मानकों को मजबूत करने और वित्तीय स्थिति को सुधारने में काफी वक्त लगेगा। फिलहाल, शेयर की यह तेजी कंपनी की इन गंभीर अंतर्निहित समस्याओं को पूरी तरह से दूर नहीं करती है।
