Tumakuru के Shridevi Institute ने US की कंपनी Vaxonyx के साथ हाथ मिलाया है। इस पार्टनरशिप का मकसद भारतीय आबादी के लिए AI-बेस्ड जेनोमिक डेटा तैयार करना और कैंसर की सटीक दवाओं (Precision Medicine) पर काम करना है।
रिसर्च का मुख्य लक्ष्य
इस पार्टनरशिप का मुख्य फोकस भारतीय जेनेटिक डेटा की कमी को पूरा करना है। वर्तमान में दुनिया भर में मेडिकल रिसर्च में जो डेटा इस्तेमाल होता है, वह हर बार भारतीय आबादी की विविधता को पूरी तरह से नहीं दर्शाता। अब दोनों कंपनियां मिलकर भारतीय मूल के लोगों के लिए विशेष जेनोमिक डेटासेट तैयार करेंगी, जिससे मरीजों को उनकी जेनेटिक बनावट के अनुसार बेहतर इलाज मिल सके।
कैंसर इलाज पर विशेष जोर
इस कोलैबोरेशन में पर्सनल ऑन्कोलॉजी (Oncology) को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके तहत कैंसर के इलाज के लिए विशिष्ट मॉलिक्यूलर प्रोफाइल का विश्लेषण किया जाएगा। रिसर्च में 'ह्यूमन ऑर्गेनोइड्स' (miniature models) का उपयोग किया जाएगा, ताकि ह्यूमन ट्रायल्स से पहले ही दवाओं की सुरक्षा और प्रभाव को परखा जा सके। Vaxonyx जहां अपनी कंप्यूटेशनल टूल्स और साइंस स्ट्रेटेजी लाएगी, वहीं Shridevi Institute क्लीनिकल और इंजीनियरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराएगा।
निवेशकों के लिए चेतावनी
हेल्थकेयर और बायोटेक सेक्टर में इस तरह की साझेदारी R&D के महत्व को दर्शाती है। हालांकि, निवेशकों को यह समझना चाहिए कि बायोटेक में सफलता रातों-रात नहीं मिलती। डीएनए-बेस्ड वैक्सीन और थेरेपी जैसे प्रोजेक्ट्स में भारी पूंजी की जरूरत होती है और इसमें रिसर्च फेल होने, क्लिनिकल ट्रायल में देरी और कड़े रेगुलेटरी नियमों जैसी अनिश्चितताएं बनी रहती हैं। यह एक लंबा सफर है जहां शुरुआती दौर में रिवेन्यू के बजाय रिसर्च पर बड़ा खर्च होता है।
