Shilpa Medicare का शानदार तिमाही नतीजा!
Shilpa Medicare Limited ने 3Q FY26 (31 दिसंबर 2025 को समाप्त तिमाही) के नतीजे पेश किए हैं, जो कंपनी के अब तक के सबसे बेहतरीन रहे हैं। कंपनी ने ₹411 करोड़ का रिकॉर्ड तिमाही रेवेन्यू दर्ज किया, जो पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 28% की जबरदस्त बढ़ोतरी दिखाता है। इतना ही नहीं, कंपनी का तिमाही EBITDA भी 40% बढ़कर ₹115 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान EBITDA मार्जिन में भी करीब 200 बेसिस पॉइंट्स (bps) का सुधार हुआ और यह 28% रहा।
9 महीने में भी दमदार ग्रोथ
फाइनेंशियल ईयर 2026 के पहले नौ महीनों (9M FY26) की बात करें, तो रेवेन्यू में 14% की बढ़ोतरी के साथ यह ₹1,110 करोड़ रहा। वहीं, EBITDA में 26% की उछाल आकर यह ₹323 करोड़ दर्ज किया गया। इस अवधि में कंपनी के EBITDA मार्जिन में 300 bps का इजाफा हुआ और यह 29% पर पहुंच गया। सबसे खास बात यह है कि एडजस्टेड नेट प्रॉफिट (PAT) में 128% की बंपर बढ़ोतरी देखी गई, जो ₹146 करोड़ रहा।
किस वजह से आई इतनी तेजी?
इस शानदार प्रदर्शन के पीछे कई वजहें हैं। कंपनी के फॉर्मूलेशन (Formulations) बिजनेस ने जबरदस्त रफ्तार पकड़ी है। 3Q FY26 में इस सेगमेंट से रेवेन्यू में करीब 50% की बढ़ोतरी हुई, जिसका बड़ा श्रेय यूरोपियन यूनियन (EU) मार्केट को जाता है, जहां 100% से भी ज्यादा की ग्रोथ दर्ज की गई।
इसके अलावा, कंपनी ने भारत में नॉन-अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (NAFLD) के लिए "Noduca™" नामक एक नई और पहली तरह की थेरेपी लॉन्च की है, जिसने बाजार में अच्छी पकड़ बनाई है। तीन बड़ी फार्मा कंपनियों के साथ डोमेस्टिक मार्केटिंग के लिए की गई पार्टनरशिप इस लॉन्च की सफलता में अहम साबित हुई है।
एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रेडिएंट्स (API) सेगमेंट ने भी कंपनी के ग्रोथ में योगदान दिया। खासकर नॉन-ऑन्कोलॉजी प्रोडक्ट्स के लिए बढ़ाई गई प्रोडक्शन कैपेसिटी और अहम मॉलिक्यूल्स के लिए क्षमता विस्तार का सीधा असर नतीजों पर दिख रहा है। रेगुलेटरी मोर्चों पर भी कंपनी ने कामयाबी हासिल की है, जिसमें EU से रोटिगाइन (Rotigotine) के लिए अप्रूवल और भारत में ओन्डेनसेट्रॉन ईआर (Ondansetron ER) के लिए फेज 3 ट्रायल का पूरा होना शामिल है। कई API प्रोग्राम्स US FDA अप्रूवल की ओर बढ़ रहे हैं, जो भविष्य में और ग्रोथ के संकेत देते हैं।
आगे क्या उम्मीद है?
Shilpa Medicare मैनेजमेंट का मानना है कि फाइनेंशियल ईयर 2027 (FY27) कंपनी के लिए "काफी बेहतर" रहने वाला है। यह उम्मीद बढ़े हुए ग्रॉस ब्लॉक (9M FY26 में ₹2,087 करोड़) के बेहतर यूटिलाइजेशन से होने वाले ऑपरेटिंग लिवरेज और मार्जिन सुधार पर आधारित है। कंपनी की भविष्य की रणनीति में फॉर्मूलेशन (FDF), CDMO, API और बायोलॉजिक्स सेगमेंट में कई नए प्रोडक्ट्स लॉन्च करना शामिल है। यूरोप में रीकॉम्बिनेंट ह्यूमन एल्ब्यूमिन प्रोडक्ट के कमर्शियल डिस्ट्रीब्यूशन के लिए ओरियन कॉर्पोरेशन (Orion Corporation) के साथ हुई स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप भी भविष्य की ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण है। कंपनी का फोकस ऐसे हाई-वैल्यू, लिमिटेड-कंपटीशन वाले प्रोडक्ट्स पर है, जिनमें R&D का इनपुट ज्यादा हो। हालांकि, नए लॉन्च की एग्जीक्यूशन और मार्केट पेनिट्रेशन के साथ-साथ कॉम्पिटिशन और समय पर रेगुलेटरी अप्रूवल पाना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण होगा।