Shaily Engineering Plastics अपने मेडिकल डिवाइस बिजनेस को तेजी से बढ़ा रही है। GLP-1 ड्रग-डिलीवरी पेन की बढ़ती मांग के बीच कंपनी **FY27** तक अपनी क्षमता को **75 मिलियन** यूनिट्स तक ले जाने की योजना बना रही है।
हेल्थकेयर पर बड़ा दांव
कंपनी ने अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव करते हुए पारंपरिक कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स पर निर्भरता कम करने का फैसला किया है। हालांकि इलेक्ट्रॉनिक्स सेगमेंट में 24% की गिरावट देखी गई है, लेकिन हेल्थकेयर डिवीजन शानदार प्रदर्शन कर रहा है। कंपनी ने हेल्थकेयर रेवेन्यू में साल-दर-साल 84% की जबरदस्त ग्रोथ दर्ज की है।
क्षमता विस्तार और रेगुलेटरी मंजूरी
GLP-1 थेरेपी (डायबिटीज और वेट मैनेजमेंट) के लिए पेन की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कंपनी अपनी उत्पादन क्षमता को 55 मिलियन से बढ़ाकर 75 मिलियन यूनिट्स करने जा रही है। अच्छी बात यह है कि इस नई क्षमता का 2/3 हिस्सा पहले ही ग्राहकों के कमिटमेंट्स के साथ बुक हो चुका है। साथ ही, कंपनी को कनाडा और ब्राजील में 'सेमाग्लूटाइड' पेन के लिए जरूरी रेगुलेटरी मंजूरी भी मिल गई है।
रिजेक्शन रेट में सुधार
ऑपरेशनल फ्रंट पर कंपनी ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। पहले जहां रिजेक्शन रेट 30% के आसपास था, वह अब घटकर 8% रह गया है। यह सुधार प्रॉफिट मार्जिन को सुरक्षित रखने में बड़ी भूमिका निभा रहा है।
सेमीकंडक्टर और फ्यूचर रिस्क
विविधता लाने के लिए कंपनी सेमीकंडक्टर पैकेजिंग मार्केट में कदम रख रही है, जहां वह चिपमेकर्स के लिए कंडक्टिव-प्लास्टिक ट्रे विकसित कर रही है। यहां से रेवेन्यू FY27 के अंत तक शुरू होने की उम्मीद है।
निवेशकों को यह भी ध्यान रखना होगा कि स्टॉक वर्तमान में FY28 की अनुमानित कमाई के 48 गुना पर ट्रेड कर रहा है। यह प्रीमियम वैल्यूएशन बताता है कि बाजार ने पहले ही भविष्य की बड़ी ग्रोथ को डिस्काउंट कर लिया है। अब सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि कंपनी अपनी नई मेडिकल क्षमता को कितनी तेजी से शुरू करती है और क्या सेमीकंडक्टर सेगमेंट इलेक्ट्रॉनिक्स की कमजोरी की भरपाई कर पाता है।
