SastaSundar Ventures में बड़ा वित्तीय सुधार और स्ट्रैटेजिक रीस्ट्रक्चरिंग
SastaSundar Ventures Limited ने फाइनेंशियल ईयर 2026 की तीसरी तिमाही (Q3 FY'26) में अपने वित्तीय प्रदर्शन में ज़बरदस्त सुधार दिखाया है। कंपनी ने रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशन्स में 22% का सालाना उछाल दर्ज किया, जो ₹341 करोड़ रहा। सबसे खास बात यह रही कि ग्रॉस प्रॉफिट में 55% की शानदार बढ़त देखी गई, जिससे ग्रॉस मार्जिन पिछले साल के 6% से सुधरकर 7.6% हो गया। इस ऑपरेशनल एफिशिएंसी का नतीजा यह हुआ कि EBITDA लॉस 41% घटकर ₹14 करोड़ पर आ गया, और EBITDA मार्जिन में भी 4% का सुधार हुआ। EBIT के मोर्चे पर भी कंपनी ने बड़ी जीत हासिल की, जो Q3 FY'25 में ₹37 करोड़ के लॉस के मुकाबले इस बार ₹1 करोड़ के प्रॉफिट में बदल गया।
फाइनेंशियल ईयर 2026 की पहली नौ महीनों (9M FY'26) की बात करें तो, रेवेन्यू 15% बढ़कर लगभग ₹928 करोड़ हो गया, जबकि ग्रॉस प्रॉफिट 30% बढ़ा। सबसे बड़ी बात यह है कि 9M FY'26 में कंपनी ने ₹11 करोड़ का PAT दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी अवधि में ₹151 करोड़ के भारी नुकसान के बिल्कुल विपरीत है।
भविष्य की ग्रोथ और कंपनी का बंटवारा
इन शानदार नतीजों के साथ, SastaSundar Ventures अब फ्यूचर ग्रोथ के लिए एक बड़ा स्ट्रैटेजिक कदम उठाने जा रही है। कंपनी फाइनेंशियल ईयर 2027 तक एक मर्जर और डीमर्जर की प्रक्रिया पूरी करने की योजना बना रही है, जिससे दो पूरी तरह से अलग लिस्टेड एंटिटीज तैयार होंगी। पहली एंटिटी 'Health X Platform Limited' होगी, जो हेल्थकेयर बिजनेस पर फोकस करेगी। कंपनी का नाम बदलकर भी यही रखा जाएगा और यह SastaSundar और HealthBuddy का विलय करेगी। दूसरी एंटिटी 'Microsec Resources' नाम से NBFC बिजनेस को संभालेगी, जिसे अलग से लिस्ट किया जाएगा।
कंपनी ने अपने B2B प्लेटफॉर्म 'Retailer Shakti' के लिए आक्रामक लक्ष्य रखे हैं, जो Q4 FY'26 तक EBITDA ब्रेक-ईवन हासिल कर लेगा और FY'27 से प्रॉफिटेबल हो जाएगा। वहीं, B2C प्लेटफॉर्म 'SastaSundar B2C' FY'27 तक कॉन्ट्रिब्यूशन मार्जिन पॉजिटिविटी का लक्ष्य रखता है। कस्टमर एक्सपीरियंस, सप्लाई चेन और पर्सनलाइजेशन को बेहतर बनाने के लिए AI-इनेबल्ड टेक्नोलॉजी में भारी निवेश किया जा रहा है, जिसके फायदे FY'27 से दिखने की उम्मीद है।
इसके अलावा, कंपनी अपने ~65,000 रिटेल फार्मेसी नेटवर्क का फायदा उठाने के लिए 'JITO' नाम का अपना प्राइवेट लेबल ब्रांड लॉन्च कर रही है, जिसका लक्ष्य 3-4 सालों में 10% रेवेन्यू कंट्रीब्यूशन हासिल करना है। 'Retailer Shakti' प्लेटफॉर्म अगले दशक में 30% से अधिक की CAGR से बढ़ने का अनुमान है। एक AI- पावर्ड SaaS प्लेटफॉर्म 'Retail Air' भी अगले 3-4 महीनों में लॉन्च होने वाला है।
मैनेजमेंट ने कैपिटल एफिशिएंसी पर जोर दिया है। कंपनी के पास लगभग ₹500 करोड़ की ट्रेजरी इनकम है, जिससे भविष्य के टेक्नोलॉजी निवेश को फंड किया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य अगले 3-4 सालों में नेगेटिव वर्किंग कैपिटल हासिल करना है, जिससे इन्वेंटरी डेज़ मौजूदा ~21-22 दिनों से कम हो जाएंगे।
यह रीस्ट्रक्चरिंग प्रक्रिया थोड़ी जटिल है और ऑनलाइन फार्मेसी व NBFC दोनों ही सेक्टर्स में कड़े कंपटीशन का सामना करना पड़ेगा। इन चुनौतियों के बावजूद, कंपनी के शानदार नतीजे और स्पष्ट भविष्य की योजनाएं निवेशकों के लिए एक नया उत्साह लेकर आई हैं।