नतीजों पर पार्टनर ट्रांजिशन का असर
बीते साल की समान अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट ₹119.5 करोड़ था। रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टनर ट्रांजिशन से जुड़े कुछ लेन-देन की वजह से कंपनी का EBITDA 16.9% घटकर ₹142.8 करोड़ रह गया, वहीं EBITDA मार्जिन भी 30.2% पर आ गया, जो पिछले साल 32.1% था। इन्हीं वजहों से कुल रेवेन्यू में 4.9% की गिरावट आई।
इंसुलिन पोर्टफोलियो ने दिखाई दम
हालांकि, इन चुनौतियों के बावजूद, Sanofi India के डोमेस्टिक इंसुलिन पोर्टफोलियो ने लगातार दूसरी तिमाही में शानदार डबल-डिजिट ग्रोथ दर्ज की है। कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर दीपक अरोड़ा (Deepak Arora) ने कहा कि इंसुलिन डायबिटीज के इलाज में अभी भी अहम है और यह सेगमेंट लगातार ग्रोथ दिखा रहा है। इसके अलावा, एक्सपोर्ट सेल्स (Export Sales) में भी स्थिरता आ रही है।
भविष्य की ग्रोथ पर फोकस
कंपनी का मानना है कि रणनीतिक पार्टनरशिप (Strategic Partnerships) भविष्य में ग्रोथ को गति देगी और बाज़ार में कंपनी की पैठ बढ़ाएगी। Sanofi India अपनी एफिशिएंसी बढ़ाने के लिए टारगेटेड मार्केट इनिशिएटिव्स (Targeted Market Initiatives) और बेहतर रणनीतियों पर भी ध्यान दे रही है।
