Sanofi India ने वित्त वर्ष 2025 (FY25) के अपने ऑडिटेड स्टैंडअलोन फाइनेंशियल नतीजों का ऐलान किया है। कंपनी ने ₹8,784 मिलियन यानी ₹878.4 करोड़ का रेवेन्यू (Revenue) दर्ज किया, जिस पर ₹2,401 मिलियन यानी ₹240.1 करोड़ का मुनाफा (Profit) कमाया है।
इतना ही नहीं, कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने शेयरधारकों (Shareholders) को ₹75 प्रति इक्विटी शेयर के फाइनल डिविडेंड (Dividend) का भुगतान करने की सिफारिश की है। यह डिविडेंड आगामी एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) में शेयरधारकों की मंजूरी मिलने के बाद ही दिया जाएगा।
कंपनी ने M/s. किशोर भाटिया एंड एसोसिएट्स को वित्त वर्ष 2026 के लिए कॉस्ट ऑडिटर (Cost Auditor) के तौर पर फिर से नियुक्त किया है। वहीं, स्टैच्यूटरी ऑडिटर (Statutory Auditors) ने नतीजों पर अपनी बिना किसी आपत्ति वाली रिपोर्ट (Unmodified Opinion) दी है, जो नतीजों की विश्वसनीयता को और बढ़ाती है।
पिछले कुछ समय में, कंपनी की अल्टीमेट पेरेंट एंटिटी (Ultimate Parent Entity) में भी बदलाव आया है। 30 अप्रैल, 2025 को, इसका स्वामित्व ग्लोबल Sanofi एंटिटी से Opal JVco S.a.r.l. (Opella ग्रुप का हिस्सा) में ट्रांसफर हो गया था।
ये नतीजे Sanofi India की वित्तीय सेहत को दर्शाते हैं, जिसमें कंपनी की लाभप्रदता (Profitability) और शेयरधारकों को डिविडेंड के ज़रिए वैल्यू लौटाने की उसकी मंशा साफ झलकती है।
हालांकि, निवेशकों के लिए कुछ महत्वपूर्ण बातें हैं जिन पर नज़र रखनी होगी। कंपनी ने अतीत में कुछ प्रोडक्ट रिकॉल (Product Recalls) का सामना किया था, और उसके बाद की री-लॉन्च गतिविधियों के चलते इस साल के नतीजों की तुलना पिछले सालों से करना थोड़ा जटिल हो सकता है।
इसके अलावा, नए लेबर कोड्स (Labour Codes) के लागू होने से कंपनी पर लगभग ₹24 मिलियन का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ने का अनुमान है। Sanofi India इस पर लगातार नज़र बनाए हुए है।
कंपनी ने Opella Healthcare International SAS के साथ महत्वपूर्ण रिलेटेड पार्टी ट्रांजैक्शन्स (Related Party Transactions) किए हैं, विशेषकर एक्सपोर्ट (Export) को लेकर। पहले से मिली शेयरधारक मंजूरी के तहत, इन ट्रांजैक्शन्स की लिमिट को बढ़ाकर ₹2,000 मिलियन तक कर दिया गया है।
Sanofi India फार्मा सेक्टर में एक प्रतिस्पर्धी माहौल में काम करती है। इसके प्रमुख प्रतिस्पर्धियों में Abbott India, Pfizer Limited और Lupin Limited शामिल हैं। FY25 में, Abbott India ने ₹1,158 करोड़ का नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जबकि Pfizer Limited का नेट प्रॉफिट ₹414 करोड़ रहा।
आगे चलकर, निवेशकों को AGM में ₹75 के फाइनल डिविडेंड पर शेयरधारकों की मंजूरी, नए लेबर कोड्स के वास्तविक वित्तीय असर और पेरेंट कंपनी में बदलाव के बाद के प्रदर्शन पर मैनेजमेंट की कमेंट्री का इंतजार रहेगा।