Sandur Manganese & Iron Ores Limited ने अब मेडिकल डिवाइस मैन्युफैक्चरिंग में कदम रखा है। कंपनी ने विशाखापट्टनम के आंध्र प्रदेश मेडटेक ज़ोन (AMTZ) में अपनी एक नई सब्सिडियरी यूनिट स्थापित करने का ऐलान किया है।
नया बिज़नेस मॉडल
दिग्गज माइनिंग कंपनी Sandur Manganese & Iron Ores Limited (SMIORE) ने अपने बिज़नेस को विस्तार देने के लिए एक बड़ा रणनीतिक बदलाव किया है। कंपनी ने अब 'Royal Sandur MedTech Private Limited' नाम से अपनी एक पूर्ण स्वामित्व वाली सब्सिडियरी (wholly-owned subsidiary) बनाई है। सात दशकों से माइनिंग, फेरो-अलॉय और एनर्जी सेक्टर में काम करने के बाद, कंपनी का यह कदम हेल्थकेयर मैन्युफैक्चरिंग में एक नई पहचान बनाने की कोशिश है।
AMTZ में मिली जगह
कंपनी ने विशाखापट्टनम स्थित 'आंध्र प्रदेश मेडटेक ज़ोन' (AMTZ) में जमीन का लंबे समय के लिए लीज पर लिया है। AMTZ भारत का पहला ऐसा डेडिकेटेड मेडिकल टेक्नोलॉजी पार्क है, जहां मैन्युफैक्चरिंग के लिए जरूरी इंफ्रास्ट्रक्चर और वैज्ञानिक सुविधाएं पहले से मौजूद हैं। इससे कंपनी को अपना मैन्युफैक्चरिंग बेस खड़ा करने में आसानी होगी। इसके साथ ही, कंपनी ने AMTZ के वर्ल्ड ट्रेड सेंटर में ऑफिस स्पेस भी ले लिया है।
रिस्क और चुनौतियां
निवेशकों के लिए यह कंपनी का एक नया ग्रोथ इंजन बनने की कोशिश है। माइनिंग सेक्टर ग्लोबल कमोडिटी कीमतों के उतार-चढ़ाव पर निर्भर रहता है, जबकि मेडिकल डिवाइस सेक्टर अधिक स्थिर माना जाता है। हालांकि, माइनिंग से मेडिकल टेक्नोलॉजी में जाना आसान नहीं है। इस सेक्टर में कड़े रेगुलेटरी नियम, क्वालिटी स्टैंडर्ड्स, और आरएंडडी (R&D) पर भारी निवेश की जरूरत होती है। कंपनी की सफलता अब इस बात पर टिकी है कि वे मेडिकल डिवाइस सेक्टर की जटिलताओं को कैसे मैनेज करते हैं।
निवेशकों की आगे नजर
फिलहाल, कंपनी ने यह साफ नहीं किया है कि वे किस तरह के मेडिकल डिवाइस बनाएंगे या इस प्रोजेक्ट पर कुल कितना निवेश होगा। निवेशकों को अब आने वाली तिमाही नतीजों और एनुअल रिपोर्ट्स का इंतजार रहेगा, जिसमें कंपनी अपने प्रोडक्ट पोर्टफोलियो और पूंजीगत खर्च (Capex) पर स्पष्टता दे सकती है।
