तूफानी रफ़्तार से भागा Sai Life Sciences का शेयर!
शेयर बाजार में आज थोड़ी नरमी के बावजूद Sai Life Sciences के शेयरों ने धमाल मचा दिया। शुक्रवार को यह शेयर ₹992 के इंट्राडे हाई पर पहुंच गया। पिछले दो दिनों में 7% और पिछले पांच हफ्तों में करीब 25% की शानदार तेजी के साथ, Sai Life Sciences ने बाजार को पछाड़ दिया है। विश्लेषकों (Analysts) का मानना है कि कंपनी के इंटीग्रेटेड CRDMO मॉडल के तहत लगातार रेवेन्यू ग्रोथ और मार्जिन में बढ़त इस तेजी की मुख्य वजह है।
कंपनी की ग्रोथ की कहानी
Sai Life Sciences ने 9MFY26 (वित्तीय वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने) में 43% की शानदार ईयर-ऑन-ईयर (Year-on-Year) रेवेन्यू ग्रोथ दर्ज की है, जो ₹1,590.4 करोड़ तक पहुंच गया। इसी अवधि में ऑपरेटिंग प्रॉफिट मार्जिन (OPM) भी बढ़कर 28.6% हो गया। पिछले पांच हफ्तों में शेयर की कीमत में करीब 25% का उछाल आया है, जबकि इसी दौरान BSE Sensex में 1% से भी कम की बढ़ोतरी हुई है। कंपनी का शेयर पिछले साल की तुलना में 35.39% बढ़ा है और अपने 52-हफ्ते के उच्च स्तर ₹983.35 के करीब पहुंच गया है।
CRDMO सेक्टर में भारत का दबदबा
ग्लोबल CRDMO (Contract Research, Development, and Manufacturing Organization) मार्केट का साइज 2026 तक करीब $236 बिलियन तक पहुंचने का अनुमान है, जिसकी CAGR 7.5% रहने की उम्मीद है। वहीं, भारतीय CRDMO सेक्टर में FY24 से FY29 के बीच 13% की ज़बरदस्त CAGR से ग्रोथ की संभावना है। माना जा रहा है कि 2029 तक भारतीय CRDMO सेक्टर ग्लोबल मार्केट का 5% हिस्सा हासिल कर लेगा। Sai Life Sciences, जो दुनिया की टॉप 25 फार्मा कंपनियों में से 18 को सेवाएँ देती है, इस ग्रोथ का फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है।
एक्सपर्ट्स की राय और वैल्यूएशन पर सवाल
कई बड़े ब्रोकरेज हाउस Sai Life Sciences पर बुलिश हैं। JM Financial Institutional Securities ने अगले दो सालों में रेवेन्यू/EBITDA/PAT में क्रमशः 25% / 35% / 49% की CAGR का अनुमान लगाया है और 'BUY' रेटिंग के साथ टारगेट प्राइस ₹1,318 रखा है। छह एनालिस्ट्स का 'Strong Buy' कंसेंसस है, जिनका औसत 12 महीने का टारगेट प्राइस ₹1,154.33 है, जो मौजूदा स्तरों से 17% से ज्यादा का अपसाइड दिखाता है।
हालांकि, कंपनी का P/E रेश्यो (Price-to-Earnings Ratio) करीब 91.6x है, जो एशियन लाइफ साइंसेज इंडस्ट्री के औसत 43.9x और पीयर ग्रुप के 45.1x से काफी ज्यादा है। यह दर्शाता है कि शेयर अपनी फेयर वैल्यू से ऊपर ट्रेड कर रहा है।
जोखिमों पर एक नज़र
Sai Life Sciences के सामने कुछ बड़े जोखिम भी हैं। कंपनी का 99% रेवेन्यू रेगुलेटेड एक्सपोर्ट मार्केट (मुख्य रूप से US और यूरोप) से आता है, जो इसे इन क्षेत्रों की रेगुलेटरी बदलावों या भू-राजनीतिक तनावों के प्रति संवेदनशील बनाता है। इसके अलावा, कंपनी को जनवरी 2026 में NSE और BSE से स्टेकहोल्डर्स रिलेशनशिप कमेटी की मीटिंग्स के नियमों का पालन न करने पर वार्निंग लेटर्स मिले थे। हालांकि कंपनी ने कहा है कि इसका कोई बड़ा वित्तीय या ऑपरेशनल प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन ऐसे गवर्नेंस लैप्स निवेशकों का भरोसा कम कर सकते हैं। कंपनी का P/E रेश्यो (91.6x) अनुमानित फेयर P/E रेश्यो 34.8x से बहुत अधिक है। साथ ही, पिछले तीन सालों में रिटर्न ऑन इक्विटी (Return on Equity) सिर्फ 7.86% रहा है।
भविष्य की राह
ICRA ने '[ICRA]AA(Stable)/A1+' की रेटिंग बरकरार रखी है और उम्मीद जताई है कि Sai Life Sciences अपनी मजबूत ग्रोथ बनाए रखेगी। कंपनी मैनेजमेंट भी अगले 3-5 सालों में 15-20% रेवेन्यू ग्रोथ बनाए रखने को लेकर आश्वस्त है। कंपनी अपनी कैपेसिटी बढ़ाने पर भी फोकस कर रही है और अगले फाइनेंशियल ईयर में करीब 20% वर्कफोर्स बढ़ाने की योजना है, ताकि ग्लोबल डिमांड और सप्लाई चेन डाइवर्सिफिकेशन के ट्रेंड का फायदा उठाया जा सके।