📉 SPARC के नंबर्स का सच
Sun Pharma Advanced Research Company (SPARC) ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही और नौ महीनों के लिए अपने वित्तीय नतीजे जारी किए हैं। कंपनी के ऑपरेशन्स से होने वाले रेवेन्यू में पिछले साल की समान अवधि की तुलना में 43.39% की जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई है, जो घटकर ₹845 लाख रह गया है। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹1,491 लाख था।
यह गिरावट नौ महीनों (9MFY26) के दौरान भी जारी रही, जिसमें कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 42.03% की गिरावट के साथ ₹2,595 लाख पर आ गया।
इस परिचालन मंदी का असर नेट लॉस पर भी साफ दिखा। कंसोलिडेटेड आधार पर, SPARC को तिमाही के लिए ₹7,923 लाख का नेट लॉस हुआ, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹7,941 लाख से थोड़ा कम है। हालांकि, नौ महीनों के लिए कंसोलिडेटेड नेट लॉस घटकर ₹20,692 लाख हो गया, जो पिछले साल ₹28,254 लाख था।
स्टैंडअलोन बेसिस पर, तिमाही के लिए टैक्स से पहले का नेट लॉस ₹8,057 लाख रहा, जिससे डाइल्यूटेड ईपीएस (Diluted EPS) ₹(2.48) दर्ज किया गया। नौ महीनों के लिए स्टैंडअलोन नेट लॉस ₹20,857 लाख रहा, और डाइल्यूटेड ईपीएस ₹(6.43) रहा, जो पिछले साल ₹(8.76) से बेहतर है।
एक महत्वपूर्ण बात यह है कि Q3 FY26 में ₹1,236 लाख का एक एक्सेप्शनल आइटम दर्ज किया गया। यह खर्च इंडियन गवर्नमेंट के नए लेबर कोड्स को लागू करने से आए अतिरिक्त लागतों के कारण हुआ है।
🚩 'Going Concern' पर बड़ा सवाल
SPARC ने अपनी फाइलिंग में सबसे बड़ी चिंता 'Going Concern' स्टेटस को लेकर जताई है। कंपनी को पिछली और वर्तमान तिमाही में कैश लॉस हुआ है। ऐसे में, कंपनी के ऑपरेशन्स जारी रखने की क्षमता उसके प्रमोटर ग्रुप एंटिटी से मिले सपोर्ट लेटर पर निर्भर है। यह स्थिति कंपनी की लॉन्ग-टर्म फाइनें शियल वायबिलिटी और परिचालन स्वतंत्रता पर गंभीर सवाल खड़े करती है।
कंपनी ने यह भी बताया है कि US FDA ने Sezaby® के अप्रूवल के साथ एक रेयर पीडियाट्रिक डिजीज प्रायोरिटी रिव्यू वाउचर (PRV) प्रदान किया है। यह एक बड़ा रेगुलेटरी माइलस्टोन है और एक संभावित मूल्यवान एसेट हो सकता है, लेकिन इसका सीधा फाइनेंशियल असर इसके भविष्य में बिकने या रिडीम होने पर निर्भर करेगा।
SPARC का एकमात्र रिपोर्टेबल बिज़नेस सेगमेंट 'फार्मास्युटिकल रिसर्च एंड डेवलपमेंट' है, जिसकी परफॉर्मेंस पूरी तरह से सफल ड्रग डेवलपमेंट और कमर्शियलाइजेशन पर टिकी है। मौजूदा वित्तीय नतीजे बताते हैं कि कंपनी को अपने मुख्य क्षेत्र में बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।