रशियन डायग्नोस्टिक कंपनी DNA Technology ने भारत में विस्तार का बड़ा फैसला लिया है। कंपनी नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास **10,000 वर्ग मीटर** की जगह पर अपनी पहली विदेशी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट लगाने के लिए 'Invest UP' के साथ बातचीत कर रही है।
बड़े विस्तार की तैयारी
साल 1993 में स्थापित, DNA Technology फिलहाल मुख्य रूप से रूस से ही अपना काम संभालती है। भारत में प्रस्तावित यह प्लांट कंपनी की ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता का लगभग 50% हिस्सा हो सकता है। कंपनी यहां PCR डायग्नोस्टिक उपकरण और रिएजेंट किट का उत्पादन करेगी। भारत में मैन्युफैक्चरिंग शुरू करने का सीधा मकसद लॉजिस्टिक्स लागत को कम करना और तेजी से बढ़ते भारतीय हेल्थकेयर मार्केट में अपनी पैठ मजबूत करना है।
'मेक इन इंडिया' और रणनीति
भारत सरकार की 'मेक इन इंडिया' पहल के साथ जुड़कर कंपनी को न केवल सरकारी इंसेंटिव्स का लाभ मिलेगा, बल्कि एक बेहतर रेगुलेटरी फ्रेमवर्क भी हासिल होगा। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पास स्थित 'मेडिकल डिवाइस पार्क' को चुनने से कंपनी को न केवल घरेलू मार्केट में सप्लाई करना आसान होगा, बल्कि एक्सपोर्ट के लिए भी बेहतरीन कनेक्टिविटी मिलेगी।
चुनौतियां और भविष्य की राह
हालांकि, यह प्रोजेक्ट कागजों पर काफी मजबूत दिख रहा है, लेकिन इसकी सफलता कई अहम कारकों पर टिकी है। इसमें जमीन का अलॉटमेंट, मैन्युफैक्चरिंग लाइसेंस की समय पर मंजूरी और स्थानीय नियमों का पालन करना सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। साथ ही, भारतीय डायग्नोस्टिक मार्केट में पहले से मौजूद ग्लोबल और घरेलू कंपनियों से कड़ी टक्कर मिलने वाली है। कंपनी के लिए सबसे बड़ी चुनौती लागत को कंट्रोल में रखते हुए अपनी पकड़ बनाना होगी ताकि वे कॉम्पिटिटिव प्राइसिंग पर अपने प्रोडक्ट्स बेच सकें।
