रीवा के संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल में एक **25 वर्षीय महिला** और उसके नवजात की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। परिजनों ने मेडिकल लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं, जिसके बाद **2** नर्सिंग स्टाफ को सस्पेंड कर दिया गया है।
रीवा के सरकारी संजय गांधी मेमोरियल अस्पताल (SGMH) में 26 अगस्त 2026 को हुई इस दुखद घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। घटना का शिकार बनी कल्पना मिश्रा और उनके नवजात बच्चे की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन पर सवालों के घेरे में है। मामला तब और गरमा गया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें पीड़िता सर्जरी से पहले अस्पताल से जाने की गुहार लगाती और अपनी जान को लेकर डरी हुई नजर आ रही थी।
परिजनों का आरोप है कि सीजेरियन सेक्शन के दौरान एनेस्थीसिया का ओवरडोज दिया गया, साथ ही नर्सिंग स्टाफ का व्यवहार भी बेहद गैर-जिम्मेदाराना था।
प्रशासनिक एक्शन और जांच
जन आक्रोश को देखते हुए श्याम शाह मेडिकल कॉलेज से संबद्ध इस अस्पताल के प्रबंधन ने कड़े कदम उठाए हैं। डीन सुनील अग्रवाल और अधीक्षक राहुल मिश्रा ने पुष्टि की है कि ड्यूटी पर मौजूद 2 नर्सिंग ऑफिसर्स को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक आधिकारिक कमेटी का गठन किया गया है और जिला स्वास्थ्य विभाग के मेडिकल बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम किया जा रहा है।
हेल्थकेयर सिस्टम पर सवाल
यह घटना सरकारी अस्पतालों में मेडिकल प्रोटोकॉल और जवाबदेही पर बड़े सवाल खड़े करती है। हालांकि अस्पताल प्रशासन ने फिलहाल किसी भी प्रक्रियात्मक चूक से इनकार किया है, लेकिन परिजनों के गंभीर आरोपों और वायरल वीडियो ने प्रशासन पर भारी दबाव बना दिया है। अब सभी की निगाहें मेडिकल बोर्ड की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच कमेटी के नतीजों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि क्या यह वाकई एक मेडिकल लापरवाही थी या दुर्भाग्यपूर्ण जटिलता।
