Peptide Wellness Trend: रेगुलेटर्स का कड़ा एक्शन, अनरेगुलेटेड 'Biohacking' प्रोडक्ट्स पर लगा लगाम

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Peptide Wellness Trend: रेगुलेटर्स का कड़ा एक्शन, अनरेगुलेटेड 'Biohacking' प्रोडक्ट्स पर लगा लगाम

बेंगलुरु में एक प्रमोशनल इवेंट रद्द होने के बाद से अधिकारी बिना अनुमति के बेचे जा रहे इंजेक्टेबल पेप्टाइड्स के खिलाफ सख्त हो गए हैं। FDA और स्थानीय स्वास्थ्य एजेंसियां अब 'बायोहैकिंग' के नाम पर बेचे जा रहे असुरक्षित प्रोडक्ट्स की जांच तेज कर रही हैं, जो हेल्थ सेक्टर में निवेश करने वालों के लिए एक बड़ा अलर्ट है।

बाजार में मची खलबली

कर्नाटक फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन द्वारा बेंगलुरु में हाल ही में एक 'पेप्टाइड पार्टी' को रुकवाए जाने के बाद से ही इस पूरे 'ग्रे मार्केट' पर अधिकारियों की नजरें टेढ़ी हो गई हैं। यह मामला ऑनलाइन 'बायोहैकिंग' ट्रेंड और हेल्थ सेफ्टी कानूनों के बीच बढ़ते विवाद को दर्शाता है। न केवल भारत में, बल्कि ग्लोबल लेवल पर भी US FDA जैसे दिग्गज रेगुलेटर्स उन ऑनलाइन वेंडर्स को वार्निंग लेटर्स भेज रहे हैं, जो बिना मंजूरी के पेप्टाइड प्रोडक्ट्स बेच रहे हैं।

मेडिकल एक्सपर्ट्स की चेतावनी

रेगुलेटर्स का मुख्य तर्क यह है कि FDA-अप्रूव्ड पेप्टाइड थेरेपी और सीधे कंज्यूमर्स को बेचे जा रहे एक्सपेरिमेंटल कंपाउंड्स में बड़ा अंतर है। इंसुलिन या GLP-1 एगोनिस्ट जैसे पेप्टाइड्स जहां मेडिकली सुपरवाइज्ड ट्रीटमेंट का हिस्सा हैं, वहीं ऑनलाइन बिकने वाले कई प्रोडक्ट्स में न तो कोई क्वॉलिटी कंट्रोल है और न ही क्लिनिकल सेफ्टी ट्रायल। मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार, इन कंपाउंड्स की जटिलता ऐसी है कि डोज में मामूली बदलाव भी शरीर पर घातक प्रभाव डाल सकता है।

इन्वेस्टर्स के लिए क्या हैं रिस्क?

इन्वेस्टर नजरिए से देखें तो यह फार्मा और वेलनेस सेक्टर में रेगुलेटरी रिस्क का संकेत है। जो कंपनियां मेडिकल लाइसेंसिंग को दरकिनार कर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के जरिए अपने प्रोडक्ट्स बेच रही हैं, उन पर अब कार्रवाई का खतरा मंडरा रहा है।

अब हेल्थ और बायोटेक सेक्टर में काम करने वाली कंपनियों के लिए दो स्पष्ट हिस्से बन गए हैं: एक जो रेगुलेटरी नियमों का पालन कर रही हैं, और दूसरी जो 'ग्रे-मार्केट' में काम कर रही हैं। भविष्य में अनरेगुलेटेड कंपनियों को अचानक शटडाउन, भारी लीगल एक्शन और प्रोडक्ट रिकॉल जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, जिससे बिजनेस में काफी अस्थिरता आ सकती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.