Rasayan AI Labs ने दवा खोज (Drug Discovery) की प्रक्रिया को तेज करने के लिए एक AI-नेविट प्लेटफॉर्म पेश किया है। हालांकि यह तकनीक फार्मा रिसर्च के लिए क्रांतिकारी हो सकती है, लेकिन निवेशकों को ध्यान देना चाहिए कि यह एक प्राइवेट कंपनी है और शेयर बाजार में लिस्टेड नहीं है।
नई तकनीक का कमाल
Rasayan AI Labs ने Institute of Chemical Technology (ICT), Mumbai में अपना नया AI-पावर्ड प्लेटफॉर्म पेश किया है। यह सॉफ्टवेयर रिसर्चर्स को यह जानने में मदद करता है कि क्या कोई नया केमिकल कंपाउंड सुरक्षित है और उसे कैसे तैयार किया जा सकता है। यह प्लेटफॉर्म 'रिट्रोसिंथेसिस' और 'ADMET प्रेडिक्शन' जैसे जटिल कार्यों को एक ही इंटरफेस में समाहित करता है। इसमें शामिल RasayanDraw टूल मॉलिक्यूलर डिजाइन को और आसान बनाता है।
पायलट प्रोजेक्ट के नतीजे
ICT Mumbai में हुए एक पायलट स्टडी के दौरान, इस प्लेटफॉर्म ने इन्फ्लेमेशन (सूजन) पर आधारित प्रोजेक्ट के लिए 23 संभावित ड्रग कैंडिडेट की पहचान की। इनमें से 19 कंपाउंड्स को केवल 3 सप्ताह के भीतर टेस्टिंग फेज में भेज दिया गया, जो फार्मा रिसर्च की रफ्तार को देखते हुए काफी अहम है।
निवेशकों के लिए जरूरी सतर्कता
मार्केट में एक्टिव लोगों को यह स्पष्ट रूप से समझना चाहिए कि Rasayan AI Labs मार्च 2026 में बनी एक प्राइवेट कंपनी है। यह National Stock Exchange (NSE) या Bombay Stock Exchange (BSE) पर लिस्टेड नहीं है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे इसे Bharat Rasayan Ltd या RDB Rasayans Ltd जैसी लिस्टेड कंपनियों से न जोड़ें, क्योंकि ये पूरी तरह अलग संस्थाएं हैं।
