Rainbow Children’s Medicare ने आक्रामक विस्तार के बजाय मौजूदा बेड क्षमता के बेहतर उपयोग पर जोर देने का फैसला किया है। फाइनेंशियल ईयर **2027** की पहली तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू **33%** बढ़ा और नेट प्रॉफिट **16%** के उछाल के साथ **₹60.6 करोड़** पर पहुंच गया है।
मुनाफे के साथ बदली रणनीति
Rainbow Children’s Medicare अब अपनी रणनीति में एक बड़ा बदलाव ला रही है। कंपनी ने बीते कुछ वर्षों में भारी निवेश के साथ हॉस्पिटल्स का विस्तार किया है, लेकिन अब कंपनी का मुख्य लक्ष्य नई बिल्डिंग्स खड़ा करने के बजाय मौजूदा बेड क्षमता से अधिकतम रेवेन्यू हासिल करना और ऑक्यूपेंसी रेट को बढ़ाना है।
फाइनेंशियल हेल्थ और आंकड़े
कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2027 की पहली तिमाही के जो आंकड़े पेश किए हैं, वे काफी मजबूत हैं। साल-दर-साल आधार पर रेवेन्यू में 33% की वृद्धि दर्ज की गई है, जो ₹470 करोड़ तक पहुंच गया है। अच्छी बात यह है कि कंपनी का बैलेंस शीट पूरी तरह से कर्ज-मुक्त (Debt-free) है, जो इस बदलाव के दौर में उसे आर्थिक मजबूती देता है।
बड़े बदलाव और चुनौतियां
विस्तार की कड़ी में कंपनी ने मुंबई के मालाड में 100 बेड की नई यूनिट शुरू की है और अगस्त 2026 में Super Prime Medical Care LLP में 64% हिस्सेदारी का अधिग्रहण पूरा किया है।
हालांकि, निवेशकों के लिए चिंता का विषय मैनेजमेंट में हो रहे बदलाव हैं। CFO विकास माहेश्वरी और चीफ स्ट्रैटेजी ऑफिसर श्रीनाथ मेटला के इस्तीफे से कंपनी की रणनीतिक निरंतरता पर सवाल उठ रहे हैं। इसके अलावा, हैदराबाद और आंध्र प्रदेश पर अधिक निर्भरता भी कंपनी के लिए एक भौगोलिक रिस्क बनी हुई है। बाजार के जानकारों की नजर अब इस बात पर है कि कंपनी बढ़ते कंपटीशन के बीच अपने मार्जिन को कैसे सुरक्षित रखती है और नए मैनेजमेंट के साथ अपना विजन कैसे आगे बढ़ाती है।
