Rainbow Children's Medicare ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही में अपने रेवेन्यू में पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले **33%** का शानदार इजाफा दर्ज किया है। कंपनी का यह ग्रोथ बड़े हुए पेशेंट वॉल्यूम और बेहतर ऑपरेशनल परफॉरमेंस के दम पर आया है। अब यह हॉस्पिटल चेन मुंबई और आंध्र प्रदेश में विस्तार की तैयारी में है, साथ ही अन्य जगहों पर भी नए हॉस्पिटल्स खोलने की गति बनाए हुए है।
रेवेन्यू में 33% की उछाल
Rainbow Children's Medicare ने वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही के नतीजों का ऐलान किया है। कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 33% बढ़कर सामने आया है। वहीं, EBITDA में 30% और नेट प्रॉफिट में 13% की बढ़ोतरी हुई है। हॉस्पिटल्स में मेडिकल सेवाओं की मांग बढ़ने से कंपनी को यह फायदा हुआ है।
ऑपरेशनल ग्रोथ और पेशेंट वॉल्यूम
कंपनी के ऑपरेशनल आंकड़े बताते हैं कि पेशेंट एंगेजमेंट में पॉजिटिव ट्रेंड है। इनपेशेंट वॉल्यूम में 28% की बढ़ोतरी देखी गई, जबकि आउटपेशेंट सर्विसेज और टोटल डिलीवरीज़ में क्रमशः 25% और 23% का इजाफा हुआ। हॉस्पिटल्स की कमाई का एक अहम पैमाना, एवरेज रेवेन्यू पर ऑपरेटिंग बेड (ARPOB) 6% बढ़कर ₹67,256 हो गया। कंपनी के हॉस्पिटल्स में ओवरऑल बेड ऑक्यूपेंसी 41.2% रही, जिसमें पुराने हॉस्पिटल्स 45% और नए हॉस्पिटल्स 34.4% क्षमता पर चल रहे हैं।
विस्तार की योजनाएं
Rainbow Children's Medicare अब देश भर में अपनी मौजूदगी बढ़ाने पर फोकस कर रही है। इसी रणनीति के तहत, कंपनी मुंबई के मलाड में 100 बेड वाला एक नया हॉस्पिटल खोलने जा रही है, जिसके वित्त वर्ष 2028 की पहली तिमाही तक शुरू होने की उम्मीद है। इसके अलावा, कंपनी आंध्र प्रदेश में नेल्लोर और गुंटूर में एक्विजिशन के जरिए अपने पैर पसारने की योजना बना रही है। इंदौर में नया हॉस्पिटल वित्त वर्ष 2027 की तीसरी तिमाही तक शुरू हो जाएगा। निवेशकों की नज़र अब इस बात पर रहेगी कि कंपनी इन प्रोजेक्ट्स के लिए ज़रूरी कैपिटल खर्च को कैसे मैनेज करती है और नए हॉस्पिटल्स कब तक पूरी क्षमता से चलने लगते हैं।
हालांकि, कंपनी विस्तार कर रही है, लेकिन यह एक कॉम्पिटिटिव हेल्थकेयर सेक्टर में काम करती है। बड़े पैमाने पर विस्तार में प्रोजेक्ट की समय-सीमा और नए स्थानों पर मेडिकल टैलेंट को आकर्षित करने जैसी चुनौतियां शामिल हैं। इन नए मार्केट्स में कंपनी की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह नए हॉस्पिटल्स स्थापित करने की लागत को संतुलित करते हुए अपने प्रॉफिट मार्जिन को कैसे बनाए रखती है। मुंबई में कंस्ट्रक्शन की प्रगति और आंध्र प्रदेश में एक्विजिशन के इंटीग्रेशन से जुड़ी भविष्य की अपडेट्स कंपनी की वित्तीय सेहत पर नज़र रखने के लिए महत्वपूर्ण होंगी।
