RPG Life Sciences की सब्सिडियरी कंपनी RPG Active Pharma ने Raghava Life Sciences के API बिजनेस को **₹135 करोड़** में खरीदने का करार किया है। इस डील में **300 KL** क्षमता वाला प्लांट और **22** कमर्शियल API शामिल हैं, जिससे कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग पावर में बड़ा इजाफा होगा।
RPG Life Sciences ने जानकारी दी है कि उसकी सब्सिडियरी कंपनी RPG Active Pharma ने Raghava Life Sciences के API और इंटरमीडिएट बिजनेस को स्लम-सेल एग्रीमेंट के तहत खरीदने का फैसला किया है। यह ट्रांजेक्शन ₹135 करोड़ में पूरा होगा और इसके 30 दिनों के भीतर संपन्न होने की उम्मीद है।
स्ट्रैटेजिक कंसोलिडेशन
यह अधिग्रहण कंपनी की आक्रामक विकास रणनीति का हिस्सा है। हाल ही में RPG Active Pharma ने प्राइवेट इक्विटी फर्म InvAscent से ₹243.33 करोड़ का निवेश जुटाया था, जिसके बदले कंपनी में 40% हिस्सेदारी दी गई है। इसके अलावा, कंपनी ने पहले ₹80 करोड़ खर्च कर Actis Generics को भी एक्वायर किया था। इन फैसलों से साफ है कि कंपनी अब सिर्फ इंटरनल ग्रोथ पर निर्भर रहने के बजाय अधिग्रहण के जरिए तेजी से अपना पोर्टफोलियो बढ़ा रही है।
एसेट्स और क्षमता
इस डील के साथ कंपनी को विशाखापत्तनम में स्थित WHO-GMP और EU-GMP अप्रूव्ड फैसिलिटी मिल रही है। इससे कंपनी की कुल मैन्युफैक्चरिंग क्षमता में 300 KL का इजाफा होगा। इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ही कंपनी को 22 कमर्शियल API मॉलिक्यूल्स और 7 नए प्रोडक्ट्स पाइपलाइन में मिल रहे हैं, जिससे फार्मा सप्लाई चेन में उनकी पकड़ मजबूत होगी।
रिस्क और निगरानी
अधिग्रहण की कीमत पर बाजार के जानकारों की नजर है। रिपोर्ट्स के अनुसार, यह डील Raghava के API यूनिट के रेवेन्यू के 7 गुना से भी अधिक वैल्यूएशन पर हुई है। कंपनी के लिए चुनौती यह होगी कि वह Q1 FY27 के 24.5% EBITDA मार्जिन को कैसे बरकरार रखती है। इसके साथ ही, पाइपलाइन में मौजूद 7 मॉलिक्यूल्स को कमर्शियल तौर पर सफल बनाना भी मैनेजमेंट के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी होगी। शेयरधारकों को इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि नई फैसिलिटीज के इंटीग्रेशन के दौरान कंपनी अपने मार्जिन को कैसे मैनेज करती है।
