RPG Life Sciences अपने API बिजनेस को तेजी से बढ़ा रही है। कंपनी को InvAscent से **₹243 करोड़** का निवेश मिला है और लक्ष्य **25%** की सालाना ग्रोथ का है। हालांकि, रीस्ट्रक्चरिंग के खर्चों के चलते हालिया तिमाही में कंपनी के मुनाफे में गिरावट आई है।
आक्रामक विस्तार की रणनीति
RPG Life Sciences ने अब एक्टिव फार्मास्युटिकल इंग्रीडिएंट (API) मार्केट में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए पूरी ताकत झोंक दी है। कंपनी ने अपने API कारोबार को एक नई सब्सिडियरी, 'RPG Active Pharma' में ट्रांसफर कर दिया है। इस नई इकाई को प्राइवेट इक्विटी फर्म InvAscent से ₹243 करोड़ की शुरुआती फंडिंग मिली है। यह कुल ₹700 करोड़ के प्रस्तावित कैपिटल पूल का हिस्सा है, जिसका मकसद अगले 5 सालों में 25% की सालाना ग्रोथ हासिल करना है।
अपनी मैन्युफैक्चरिंग क्षमता को बढ़ाने के लिए कंपनी ने Actis Generics और Raghava Life Sciences के API बिजनेस का अधिग्रहण किया है। इसके चलते कंपनी की मैन्युफैक्चरिंग क्षमता 110 KL से बढ़कर 505 KL पर पहुंच गई है।
नतीजों पर दबाव
सितंबर 2026 तिमाही में कंपनी की रेवेन्यू ₹211.6 करोड़ रही, जो पिछले साल के मुकाबले 16.5% अधिक है। हालांकि, नेट प्रॉफिट 23.4% घटकर ₹28.22 करोड़ रह गया। मुनाफे में यह गिरावट मुख्य रूप से बिजनेस रीस्ट्रक्चरिंग और नई संपत्तियों को शामिल करने के कारण हुए वन-ऑफ खर्चों की वजह से आई है।
दूसरी ओर, कंपनी का घरेलू फॉर्मूलेशन बिजनेस स्थिर बना हुआ है। इसमें 11.6% की ग्रोथ देखी गई, जिसे कंपनी के पेन-मैनेजमेंट ब्रांड 'Naprosyn' से बड़ा सपोर्ट मिला है, जिसने ₹100 करोड़ सालाना सेल्स का आंकड़ा पार कर लिया है।
आगे की राह और रिस्क
निवेशकों के लिए अब सबसे जरूरी यह देखना होगा कि कंपनी कितनी कुशलता से नई इकाइयों को इंटीग्रेट करती है। तेजी से विस्तार में इनऑर्गेनिक ग्रोथ के अपने रिस्क होते हैं, जैसे टैलेंट रिटेंशन और USFDA जैसे अंतरराष्ट्रीय रेगुलेटरी मानकों को पूरा करना। कंपनी के पास अभी भी करीब ₹500 करोड़ का फंड बाकी है, जिसका इस्तेमाल भविष्य के अधिग्रहणों में किया जाएगा। अब बाजार की नजर इस बात पर होगी कि विस्तार की ये लागतें कब मुनाफे में तब्दील होती हैं।
