मुंबई स्थित हेल्थ-टेक स्टार्टअप Qure.ai ने अगले 6 महीनों के भीतर मुनाफे (Profit) में आने का लक्ष्य रखा है। कंपनी अपने AI-आधारित डायग्नोस्टिक टूल्स को वैश्विक स्तर पर बढ़ा रही है, लेकिन हालिया फाइनेंशियल डेटा में बढ़ते नुकसान ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।
मुनाफे की ओर Qure.ai की राह
मुंबई की यह हेल्थ-टेक कंपनी अब अपनी रणनीति में बड़ा बदलाव कर रही है। भारी निवेश वाले दौर से निकलकर कंपनी अब सस्टेनेबल बिजनेस मॉडल पर ध्यान केंद्रित कर रही है। Qure.ai मुख्य रूप से अपने AI प्लेटफॉर्म qXR के जरिए छाती के एक्स-रे से टीबी और कैंसर जैसी बीमारियों का पता लगाती है। कंपनी के पास 36 यूएस एफडीए (US FDA) क्लीयरेंस हैं और यह 100 से ज्यादा देशों में काम कर रही है।
फाइनेंशियल सेहत पर एक नजर
कंपनी ने FY25 में ₹190.4 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है। हालांकि, तेजी से विस्तार के कारण कंपनी का नेट लॉस FY24 के ₹48 करोड़ से बढ़कर FY25 में ₹90.4 करोड़ पर पहुंच गया है। अब कंपनी के सामने चुनौती अपने मार्जिन को बेहतर करने और रिसर्च एंड डेवलपमेंट पर होने वाले खर्च को संतुलित करने की है।
फंडिंग और भविष्य की योजनाएं
अब तक Qure.ai ने Lightspeed Venture Partners, Sequoia India और Novo Holdings जैसे दिग्गज निवेशकों से $123 मिलियन जुटाए हैं। फिलहाल मैनेजमेंट का कहना है कि उन्हें तुरंत फंड जुटाने की जरूरत नहीं है, वे अपने मौजूदा कैश रिजर्व और इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ही दक्षता बढ़ाने पर काम करेंगे। बाजार के जानकारों का मानना है कि कंपनी का यह कदम आने वाले समय में IPO की तैयारी का हिस्सा हो सकता है।
कंपनी अब अपने नए वॉइस-इनेबल्ड क्लीनिकल एजेंट AIRA के जरिए हेल्थकेयर सेक्टर में एडमिनिस्ट्रेटिव काम को ऑटोमेट करने की दिशा में भी कदम बढ़ा रही है। निवेशकों की नजर अब इस पर होगी कि क्या कंपनी अपने बढ़ते घाटे को नियंत्रित कर पाती है या नहीं।
