मेडिकल टेस्टिंग कंपनी Quest Diagnostics का Quanum प्लेटफॉर्म साइबर हमले का शिकार हो गया है, जिससे मरीजों का सेंसिटिव हेल्थ और बिलिंग डेटा लीक हुआ है। यह कंपनी के लिए साल 2019 के बाद एक और बड़ी सुरक्षा चुनौती है।
डेटा सिक्योरिटी में बड़ी सेंध
अमेरिकी मेडिकल टेस्टिंग दिग्गज Quest Diagnostics ने आधिकारिक रूप से स्वीकार किया है कि उसका Quanum लैब टेस्टिंग सिस्टम एक गंभीर साइबर हमले की चपेट में है। यह प्लेटफॉर्म उत्तरी अमेरिका के हजारों क्लिनिशियन्स और अस्पतालों को आपस में जोड़ता है। कंपनी ने U.S. Securities and Exchange Commission को सूचित किया है कि अनधिकृत लोगों ने मरीजों के डायग्नोस्टिक रिकॉर्ड्स और फाइनेंशियल डेटा तक पहुंच बना ली है। हालांकि, अभी तक प्रभावित हुए मरीजों की सटीक संख्या का खुलासा नहीं किया गया है, लेकिन जांच जारी है।
निवेशकों के लिए क्यों है चिंता की बात?
हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी सेक्टर में डेटा ब्रीच एक बड़ा रिस्क है। ऐसी घटनाओं के कारण कंपनियों पर अचानक भारी वित्तीय बोझ पड़ता है। फॉरेंसिक जांच, लीगल डिफेंस और HIPAA जैसे सख्त डेटा प्रोटेक्शन कानूनों के तहत संभावित भारी जुर्माने कंपनी के प्रॉफिट मार्जिन पर दबाव डाल सकते हैं। इसके अलावा, प्रभावित मरीजों के लिए क्रेडिट मॉनिटरिंग और अन्य सपोर्ट सिस्टम पर होने वाला खर्च कंपनी के शॉर्ट-टर्म फाइनेंशियल नतीजों को खराब कर सकता है।
इतिहास दोहराया गया?
यह पहली बार नहीं है जब कंपनी डेटा सुरक्षा के मोर्चे पर लड़खड़ाई है। साल 2019 में भी Quest Diagnostics एक बड़े डेटा ब्रीच का शिकार हुई थी, जिसमें 1.19 करोड़ मरीजों का डेटा प्रभावित हुआ था। बार-बार होने वाली ऐसी घटनाएं रेगुलेटरी स्क्रूटनी को बढ़ाती हैं और मरीजों तथा मेडिकल पार्टनर्स का भरोसा कम कर सकती हैं। इस सेक्टर की अन्य कंपनियों जैसे LabCorp पर भी साइबर हमले का खतरा हमेशा बना रहता है।
आगे की राह
शेयरधारकों की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि इस हादसे का कंपनी की फाइनेंशियल हेल्थ पर कितना बड़ा असर पड़ता है। मार्केट अक्सर ऐसी घटनाओं को लॉन्ग-टर्म लायबिलिटी के रूप में देखता है। आने वाले क्वार्टरली रिपोर्ट्स में यह साफ हो पाएगा कि लीगल और ऑपरेशनल लागत कंपनी के मुनाफे को कितना प्रभावित कर रही है।
