Immunoscript: पुणे की इस स्टार्टअप को वैक्सीन टेक्नोलॉजी के लिए मिला **$8.9 मिलियन** का ग्रांट

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Immunoscript: पुणे की इस स्टार्टअप को वैक्सीन टेक्नोलॉजी के लिए मिला **$8.9 मिलियन** का ग्रांट

पुणे स्थित बायोटेक स्टार्टअप Immunoscript Life Science को वैक्सीन तकनीक विकसित करने के लिए Coalition for Epidemic Preparedness Innovations (CEPI) से **$8.9 मिलियन** की बड़ी फंडिंग मिली है। यह कंपनी ऐसी RNA वैक्सीन पर काम कर रही है जिसे अल्ट्रा-कोल्ड स्टोरेज की जरूरत नहीं होगी।

इस फंडिंग का इस्तेमाल कंपनी अपने प्रोप्राइटरी CLNE सेल्फ-एम्प्लीफाइंग RNA वैक्सीन प्लेटफॉर्म को आगे बढ़ाने के लिए करेगी। मौजूदा समय में कई वैक्सीन्स को स्टोर करने के लिए -20°C से कम तापमान वाली कोल्ड-चेन की जरूरत होती है, जो दूरदराज के इलाकों में वैक्सीन पहुंचाने में बड़ी बाधा है। Immunoscript की तकनीक इन वैक्सीन्स को साधारण रेफ्रिजरेशन यानी 2°C से 8°C के तापमान पर स्थिर रखने में सक्षम बनाएगी।

कंपनी का बैकग्राउंड और विस्तार

अप्रैल 2026 में स्थापित, इस कंपनी ने जुलाई 2026 में Gennova Biopharmaceuticals के mRNA बिजनेस यूनिट को ₹139.5 करोड़ में अधिग्रहित किया था। इस अधिग्रहण से कंपनी को मजबूत रिसर्च कैपेबिलिटीज मिलीं, जिसका उपयोग अब वे ग्लोबल '100 Days Mission' के तहत वैक्सीन डेवलपमेंट की गति बढ़ाने के लिए कर रहे हैं।

भविष्य की योजनाएं

कंपनी की योजना इस कैपिटल के जरिए रेबीज वैक्सीन कैंडिडेट के लिए Phase I ह्यूमन ट्रायल्स शुरू करने की है। रिसर्च में आर्टिफीसियल इंटेलिजेंस (AI) का उपयोग करके डोज को ऑप्टिमाइज़ किया जाएगा, और उम्मीद है कि अगले 6 महीने में भारत में इनके ट्रायल्स शुरू हो जाएंगे।

निवेशकों के लिए जरूरी नोट: Immunoscript एक अनलिस्टेड प्राइवेट कंपनी है। इसके शेयर मार्केट में उपलब्ध नहीं हैं और यह NSE या BSE पर लिस्टेड नहीं है। बायोटेक सेक्टर में काम करने वाली इस स्टार्टअप की प्रोग्रेस पर नजर रखना सेक्टर के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है, लेकिन निवेशकों को यह ध्यान रखना चाहिए कि क्लीनिकल ट्रायल्स और रिसर्च का काम काफी जोखिम भरा होता है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.