Poly Medicure के दमदार तिमाही नतीजे: क्या है खास?
Poly Medicure Limited ने अपनी तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के कंसोलिडेटेड नतीजे घोषित किए हैं, जिसमें कंपनी ने ₹494 करोड़ का रेवेन्यू दर्ज किया है। यह पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में 16.4% अधिक है, वहीं पिछली तिमाही (QoQ) के मुकाबले 11.2% की बढ़ोतरी देखी गई है। कंपनी के ग्रॉस प्रॉफिट में भी जबरदस्त उछाल आया है, जो ₹338 करोड़ रहा। ग्रॉस मार्जिन में साल-दर-साल (YoY) 300 बेस पॉइंट्स की बढ़ोतरी के साथ यह 68.4% पर पहुंच गया है। अधिग्रहण से जुड़े ₹6-7 करोड़ के एकमुश्त खर्चों को छोड़ दें तो ऑपरेटिंग EBITDA ₹119 करोड़ रहा, और ऑपरेटिंग EBITDA मार्जिन 24.2% दर्ज किया गया। इस तिमाही में पैट (PAT) ₹71 करोड़ रहा, हालांकि लेबर कोड इम्प्लीमेंटेशन और अधिग्रहण से जुड़े ₹6.8 करोड़ के एकमुश्त खर्चों का इस पर असर पड़ा।
चालू फाइनेंशियल ईयर 2025-26 (9M FY26) के पहले नौ महीनों में, कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 9.1% बढ़कर ₹1,341 करोड़ हो गया। ग्रॉस प्रॉफिट ₹922 करोड़ रहा, जबकि ग्रॉस मार्जिन 68.8% (YoY 190 bps ऊपर) पर रहा। अधिग्रहण पर हुए ₹9.7 करोड़ के खर्चों को निकालने के बाद, ऑपरेटिंग EBITDA ₹345 करोड़ रहा, जिसमें ऑपरेटिंग EBITDA मार्जिन 25.8% रहा। हालांकि, हाल के अधिग्रहणों के कंसोलिडेशन के कारण यह मार्जिन पिछले साल की तुलना में थोड़ा कम हुआ है। स्टैंडअलोन आधार पर भी कंपनी की प्रॉफिटेबिलिटी मजबूत बनी रही, जहां Q3 FY26 में ऑपरेटिंग EBITDA ₹112 करोड़ और EBITDA मार्जिन 26.8% रहा।
रणनीतिक बदलाव: हाई-टेक डिवाइस की ओर बढ़त
Poly Medicure की रणनीति अब लो-टेक्नोलॉजी वाले प्रोडक्ट्स से हटकर हाई-कॉम्प्लेक्सिटी और हाई-ग्रोथ वाले मेडिकल डिवाइस सेगमेंट पर केंद्रित है। इस दिशा में कंपनी ने PendraCare और Citieffe Group जैसे दो बड़े अधिग्रहण किए हैं, जिनसे उसकी यूरोपीय पकड़ और टेक्नोलॉजी क्षमताएं मजबूत होंगी। इसके अलावा, कंपनी को भारतीय बाजार के लिए कार्डियोवस्कुलर प्रोडक्ट्स जैसे कि IVL (इंट्रावीनस लिथोट्रिप्सी सिस्टम) और DEB (ड्रग एल्यूटिंग बलून) के लिए DCGI (ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया) से जरूरी नियामक मंजूरी भी मिल गई है। यह कार्डियोलॉजी क्षेत्र में एडवांस्ड प्रोडक्ट्स में कदम रखना कंपनी को उच्च एवरेज सेलिंग प्राइस (ASPs) हासिल करने और बाजार में मजबूत स्थिति बनाने में मदद करेगा।
भविष्य की राह: ग्रोथ का अनुमान और चुनौतियाँ
कंपनी का मैनेजमेंट भविष्य को लेकर काफी आशावादी है। उन्होंने फाइनेंशियल ईयर 2026-27 (FY27) के लिए कुल रेवेन्यू ग्रोथ का अनुमान लगभग 20% जताया है। इसमें डोमेस्टिक बिजनेस से लगभग 25% और इंटरनेशनल बिजनेस से 12-15% की बढ़ोतरी की उम्मीद है। मैनेजमेंट का मानना है कि H2 FY26 का रेवेन्यू H1 FY26 की तुलना में लगभग 20% अधिक रहेगा।
हालांकि, कुछ जोखिम भी बने हुए हैं, जैसे कि चीनी कंपनियों द्वारा मेडिकल डिवाइस की डंपिंग और व्यापार संबंधी रुकावटें। अधिग्रहीत कंपनियों का सफल इंटीग्रेशन और नए, हाई-टेक प्रोडक्ट्स का बाजार में सफल कमर्शियलाइजेशन कंपनी के अनुमानित ग्रोथ और मार्जिन सुधार के लिए महत्वपूर्ण होगा। कंपनी अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए भारी निवेश भी कर रही है, जिसमें तीन नए प्लांट्स की योजना है, जिसके लिए 9M FY26 में ₹234 करोड़ का CapEx (पूंजीगत व्यय) किया गया है। लंबी अवधि में Poly Medicure का लक्ष्य एक डाइवर्सिफाइड मेडटेक प्लेटफॉर्म के रूप में अपनी पहचान बनाना है। निवेशक कंपनी के नए प्रोडक्ट्स के प्रदर्शन और अधिग्रहीत इकाइयों के सफल एकीकरण पर कड़ी नजर रखेंगे।