तिमाही नतीजों पर एक नज़र
Poly Medicure ने तीसरी तिमाही में मुनाफे के मोर्चे पर बड़ा झटका दिखाया है। कंसोलिडेटेड प्रॉफिट आफ्टर टैक्स (PAT) 75.5% गिरकर ₹78.38 करोड़ पर आ गया, जबकि पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹319.29 करोड़ था। कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू भी मामूली 0.49% घटकर ₹112.82 करोड़ पर पहुंच गया।
अगर पिछली तिमाही (Q2 FY26) से तुलना करें, तो रेवेन्यू में बड़ा 73.0% का गिरावट देखी गई, जो ₹416.54 करोड़ से घटकर ₹112.82 करोड़ रह गया। वहीं, PAT में 11.9% की गिरावट के साथ यह ₹78.38 करोड़ पर आ गया।
चालू फाइनेंशियल ईयर के पहले नौ महीनों (9MFY26) की बात करें तो, कंसोलिडेटेड PAT में 58.3% की गिरावट आई और यह ₹217.08 करोड़ रहा, जबकि पिछले साल यह ₹520.40 करोड़ था। हालांकि, इसी अवधि में रेवेन्यू में 1.64% की मामूली बढ़ोतरी दर्ज हुई और यह ₹1,044.17 करोड़ पर पहुंच गया।
मुनाफे में गिरावट की वजहें
इस तिमाही के नतीजों पर एक ₹6.80 करोड़ की असाधारण मद (Exceptional Item) का भी असर पड़ा है। यह राशि ग्रेच्युटी प्रोविजन (Gratuity Provision) के लिए की गई है, जिसका कारण नए लेबर कोड्स लागू होना बताया गया है।
अधिग्रहणों का भारी बोझ
कंपनी ने अपने विस्तार के लिए कुछ बड़े अधिग्रहण किए हैं। Medistream SA के अधिग्रहण पर कंपनी का लगभग ₹235.72 करोड़ का कैश आउटफ्लो हुआ, जिससे गुडविल (Goodwill) भी दर्ज की गई है। इसके अलावा, Pendracare group के अधिग्रहण को लेकर भी प्रोविजनल अकाउंटिंग की जा रही है। इन बड़े अधिग्रहणों ने कंपनी की वित्तीय स्थिति पर दबाव डाला है।
QIP से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल
हाल ही में कंपनी ने ₹1,000 करोड़ का Qualified Institutional Placement (QIP) जारी किया था। इस जुटाई गई रकम का इस्तेमाल शेयर इश्यू एक्सपेंस, कैपिटल एक्सपेंडिचर, अधिग्रहणों और सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए किया जा रहा है। इस पैसे का एक बड़ा हिस्सा फिलहाल लिक्विड इंस्ट्रूमेंट्स में निवेशित है।
आगे की राह और जोखिम
Poly Medicure के लिए सबसे बड़ा जोखिम नए अधिग्रहणों को सफलतापूर्वक इंटीग्रेट (Integrate) करना और उनसे प्रॉफिटेबल ग्रोथ हासिल करना है। तीसरी तिमाही में PAT में आई भारी गिरावट और असाधारण खर्चों ने मार्जिन की स्थिरता और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। निवेशकों को मेडिस्ट्रीम (Medistream) अधिग्रहण से उत्पन्न गुडविल और इन डील्स के बाद कंपनी के फाइनेंशियल लीवरेज (Financial Leverage) पर बारीकी से नज़र रखनी होगी। निकट भविष्य में कंपनी का प्रदर्शन इन नए वेंचर्स और प्रोडक्ट की डिमांड पर निर्भर करेगा।