रिकॉर्ड बिक्री वायु गुणवत्ता से प्रेरित। दिसंबर 2025 में भारत में श्वसन दवाओं की बिक्री ₹1,950 करोड़ के आंकड़े को पार कर गई, जो अब तक की सर्वाधिक मासिक बिक्री है। यह आंकड़ा दिसंबर 2024 की तुलना में 10% अधिक और 2023 की तुलना में 18% की उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है। मार्केट रिसर्च फर्म Pharmarack के आंकड़ों के अनुसार, शहरी केंद्रों में प्रदूषण-संबंधी श्वसन संबंधी बीमारियों में चिंताजनक वृद्धि का संकेत मिलता है। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही, जो चरम प्रदूषण स्तरों के लिए कुख्यात है, में श्वसन थेरेपी की बिक्री 2024 की तुलना में 14% और 2023 की तुलना में 8% बढ़ी। तिमाही की कुल बिक्री ₹5,620 करोड़ रही, जो पिछली तिमाही से 17% अधिक है। एंटी-अस्थमा और क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) दवाओं ने इस राजस्व का अधिकांश हिस्सा, लगभग ₹3,500 करोड़ का योगदान दिया। फॉराकोर्ट (Foracort) जैसी दवाएं, जिनका उपयोग अस्थमा और श्वसन संबंधी समस्याओं के लिए किया जाता है, शीर्ष बिकने वालों में शामिल थीं, जो मौसमी मांग में वृद्धि को दर्शाती हैं। चिकित्सा विशेषज्ञों ने जहरीली हवा के संपर्क में आने से बढ़े हुए अस्थमा, श्वसन संक्रमण और COPD जैसी गंभीर स्थितियों के कारण बिक्री में तेज वृद्धि का श्रेय दिया है। पारस हेल्थ (Paras Health) के डॉ. अमिताभ मलिक ने बताया कि चरम प्रदूषण अवधियों के दौरान एलर्जिक राइनाइटिस और ब्रोंकाइटिस वाले रोगियों में 60% की वृद्धि देखी गई। मास्क और एयर प्यूरीफायर कुछ सुरक्षा प्रदान करते हैं, लेकिन स्टेरॉयड इनहेलर और एंटी-एलर्जी दवाएं उपचार का मुख्य आधार बनती हैं। जीएसके फार्मा इंडिया (GSK Pharma India) जैसी फार्मास्युटिकल कंपनियां अक्टूबर से फरवरी तक श्वसन संक्रमणों में सामान्य वृद्धि देखती हैं, जो खराब वायु गुणवत्ता से बढ़ जाती है, जिससे संबंधित दवाओं की मांग बढ़ जाती है।
प्रदूषण के कारण रिकॉर्ड श्वसन दवा बिक्री: ₹1,950 करोड़ की उछाल
HEALTHCAREBIOTECH
Overview
भारत में श्वसन दवाओं की बिक्री दिसंबर 2025 में रिकॉर्ड ₹1,950 करोड़ तक पहुँच गई, जिसका मुख्य कारण बढ़ता वायु प्रदूषण और उससे होने वाली बीमारियाँ हैं। अस्थमा-रोधी और सीओपीडी (COPD) उपचारों ने इस उछाल का नेतृत्व किया, जिसमें वार्षिक वृद्धि दर 18% से अधिक रही। यह प्रवृत्ति एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती और श्वसन संबंधी फार्मास्यूटिकल्स के बढ़ते बाजार को उजागर करती है।
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