5 अक्टूबर को फार्मा सेक्टर के चार बड़े शेयरों पर नजरें हैं। Cipla का पुणे में लाइसेंस रद्द हुआ है, Sun Pharma ने ड्रग डेटा जारी किया है, Aurobindo ने US लैब खरीदी है और Piramal Pharma ने Bayer के साथ अपना करार खत्म कर दिया है।
फार्मा सेक्टर में आज कॉर्पोरेट और रेगुलेटरी हलचल तेज है। चार प्रमुख कंपनियों के बड़े फैसलों और चुनौतियों का असर आने वाले समय में इनके ऑपरेशन्स पर दिख सकता है।
Cipla के सामने खड़ी हुई मुश्किल
Cipla के लिए महाराष्ट्र में बड़ा रेगुलेटरी संकट खड़ा हो गया है। राज्य के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने पुणे के वडकी स्थित वेयरहाउस का थोक दवा बिक्री और वितरण लाइसेंस रद्द कर दिया है। यह कार्रवाई 1 अक्टूबर 2026 से प्रभावी है। इसका कारण दवाओं के स्टोरेज से जुड़ी चिंताएं और 'Reactin Plus Tablets' की मिसब्रांडिंग के आरोप हैं। निवेशकों के लिए बड़ी चिंता रीजनल ऑपरेशन्स में रुकावट की है।
Sun Pharma के ड्रग का शानदार प्रदर्शन
Sun Pharmaceutical Industries ने अपनी दवा LEQSELVI को लेकर सकारात्मक नतीजे शेयर किए हैं। 'EADV Congress 2026' में पेश किए गए डेटा के मुताबिक, यह दवा गंभीर एलोपेसिया एरीटा (alopecia areata) के इलाज में दो साल तक कारगर रही है। कंपनी के स्पेशलिटी पोर्टफोलियो के लिए यह एक बड़ी कामयाबी मानी जा रही है।
Aurobindo Pharma की नई डील
Aurobindo Pharma ने अपनी रिसर्च क्षमताओं को बढ़ाने के लिए अमेरिका की A1 Biochem Labs LLC का अधिग्रहण कर लिया है। इसके लिए कंपनी ने $15.247 मिलियन (लगभग ₹127 करोड़) का निवेश किया है। कंपनी इसे अपने CRDMO प्लेटफॉर्म को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम बता रही है।
Piramal Pharma और Bayer का अलग होना
Piramal Pharma ने घोषणा की है कि Bayer Pharmaceuticals के साथ उनका डिस्ट्रीब्यूशन करार 31 दिसंबर 2026 को खत्म हो जाएगा और इसे रिन्यू नहीं किया जाएगा। कंपनी के मुताबिक, यह कॉन्ट्रैक्ट उनके कंसोलिडेटेड रेवेन्यू का 5% से भी कम है, इसलिए वित्तीय असर सीमित रहने की उम्मीद है।
