Nifty Pharma Index: दवा कंपनियों का तूफानी जलवा! फरवरी में **7%** भागा, रिकॉर्ड हाई के पास

HEALTHCAREBIOTECH
Whalesbook Logo
AuthorAditya Rao|Published at:
Nifty Pharma Index: दवा कंपनियों का तूफानी जलवा! फरवरी में **7%** भागा, रिकॉर्ड हाई के पास
Overview

दवा कंपनियों के इंडेक्स, Nifty Pharma, ने फरवरी 2026 में कमाल कर दिया है। यह इंडेक्स **7%** की ज़बरदस्त तेजी के साथ अपने 52-हफ्ते के हाई (52-week high) के करीब पहुंच गया है, जिसने बाज़ार के बाकी इंडेक्स को पीछे छोड़ दिया है।

घरेलू मांग और ख़ास दवाओं का बूस्ट

Nifty Pharma Index फरवरी 2026 में 7% का शानदार उछाल भरकर अपने 52-हफ्ते के हाई, जो 7 जनवरी 2026 को 23,492.55 पर था, के बेहद करीब पहुंच गया है। यह परफॉरमेंस बाज़ार के बड़े इंडेक्स Nifty 50 की तुलना में काफी बेहतर है, जिसने इसी महीने सिर्फ 0.56% का मामूली फायदा दिखाया। गुरुवार को यह इंडेक्स करीब 1% चढ़ा, जबकि बाज़ार में थोड़ी नरमी देखी गई।

Q3 FY26 नतीजों ने दिखाई सेक्टर की ताक़त

इस ज़बरदस्त तेज़ी की वजह दिसंबर 2025 की तिमाही (Q3 FY26) के मज़बूत नतीजे हैं। फार्मा सेक्टर ने पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले 12.3% की ईयर-ऑन-ईयर ग्रोथ दर्ज की। इसमें भारत के घरेलू बाज़ार का बड़ा योगदान रहा, जो 12% बढ़ा। क्रोनिक थेरेपी (chronic therapies) और GLP-1 दवाओं, जैसे Tirzepatide और Semaglutide, की लगातार मांग बनी रही। अमेरिका से आने वाली बिक्री में gRevlimid की बिक्री कम होने से थोड़ी नरमी ज़रूर दिखी, लेकिन Lupin और Dr. Reddy's Laboratories जैसी कंपनियों के अच्छे नतीजों ने इस असर को काफी हद तक संभाला।

एनालिस्ट्स की राय: उम्मीदें और थोड़ी सावधानी

आगे चलकर, अगले तीन सालों में बायोसिमिलर (biosimilars), अमेरिका के बाहर की सेमाग्लूटाइड (semaglutide) और पेप्टाइड-आधारित दवाओं (peptide-based therapeutics) के मज़बूत पाइपलाइन के चलते सेक्टर में ग्रोथ की उम्मीद है। जो कंपनियां घरेलू बाज़ार पर और नई दवाओं के डेवलपमेंट पर फोकस कर रही हैं, वे आगे अच्छा कर सकती हैं। हालांकि, एनालिस्ट्स gRevlimid की एक्सक्लूसिविटी (exclusivity) के खत्म होने को लेकर थोड़ी सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं, क्योंकि जनवरी 2026 में इसके पेटेंट (patent) के एक्सपायर होने से इस दवा पर निर्भर कंपनियों के मुनाफे पर नज़दीकी अवधि में दबाव आ सकता है।

शेयर बाज़ार में कैसा रहा प्रदर्शन?

अकेले शेयरों की बात करें तो Mankind Pharma में इंट्रा-डे में 6% की बड़ी तेज़ी देखी गई। Zydus Lifesciences, Glenmark Pharmaceuticals, Alkem Laboratories, Laurus Labs, Aurobindo Pharma, Lupin और Dr. Reddy's Laboratories जैसे कई बड़े नाम भी 1% से 2% तक बढ़त के साथ चमकते दिखे।

ब्रोकरेज की नज़र और वैल्यूएशन्स

कई ब्रोकरेज फर्मों ने प्रमुख कंपनियों पर अपनी राय दी है। Sun Pharmaceutical Industries, जो कम मार्जिन वाले जेनेरिक्स (generics) से हटकर हाई-वैल्यू वाली स्पेशियलिटी (specialty) और इनोवेटिव दवाओं पर ज़ोर दे रही है, के लिए Mirae Asset Sharekhan ने ₹1,968 का टारगेट प्राइस दिया है। Divi's Laboratories पर भी Mirae Asset Sharekhan की 'Buy' रेटिंग है और टारगेट ₹7,206 है। Lupin ने अपनी FY26E EBITDA मार्जिन गाइडेंस को लगातार दूसरी तिमाही बढ़ाकर 27-28% कर दिया है।

कुछ कंपनियां, जैसे Dr. Reddy's Laboratories (P/E 19.80) और Aurobindo Pharma (P/E 20.07), वाजिब वैल्यूएशन पर दिख रही हैं, जबकि Laurus Labs (P/E 69.01) और Divi's Laboratories (P/E 66.99) जैसी कंपनियां अपनी ग्रोथ की उम्मीदों के चलते प्रीमियम पर ट्रेड कर रही हैं।

आगे की राह: इनोवेशन और स्पेशियलिटी पर फोकस

सेक्टर का भविष्य इनोवेशन (innovation) और प्रोडक्ट पोर्टफोलियो (product portfolio) में विविधता लाने पर निर्भर करता है। बायोसिमिलर, नोवेल ड्रग डिलीवरी सिस्टम (novel drug delivery systems) और स्पेशियलिटी थेरेपीज़ में मज़बूत पाइपलाइन, बदलते बाज़ार में आगे रहने के लिए अहम है। जो कंपनियां स्पेशियलिटी प्रोडक्ट्स की ओर सफल ट्रांज़िशन (transition) करेंगी और जिनका घरेलू बाज़ार में मज़बूत दबदबा है, वे अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद है।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.
%%RELATED_NEWS_LAST_NEWS_HTML%%