Sun Pharma & Glenmark Pharma: AI से दवा बनाना हुआ तेज! जानिए क्या है नई रणनीति

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AuthorNeha Patil|Published at:
Sun Pharma & Glenmark Pharma: AI से दवा बनाना हुआ तेज! जानिए क्या है नई रणनीति
Overview

भारत की दिग्गज दवा निर्माता कंपनियों Sun Pharma और Glenmark Pharmaceuticals ने अपने ड्रग डिस्कवरी और डेवलपमेंट (drug discovery and development) के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को अपनाने का एक बड़ा कदम उठाया है।

Sun Pharmaceutical Industries Ltd. और Glenmark Pharmaceuticals Ltd. रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल करके दवा बनाने की प्रक्रिया को क्रांतिकारी बनाने की राह पर हैं। यह कदम केवल नई टेक्नोलॉजी अपनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नई दवाओं को बाजार में लाने की महंगी और जटिल प्रक्रिया को तेज करने की दिशा में एक बड़ा बदलाव है। Sun Pharma के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन, दिलीप सांघवी का मानना है कि AI का उपयोग क्लिनिकल ट्रायल में पेशेंट की भर्ती से लेकर रेगुलेटरी सबमिशन को तेज करने तक, दवा विकास की प्रक्रिया को रफ्तार दे सकता है, जिससे इसमें 1.5 साल तक की कटौती हो सकती है। इसी तरह, Glenmark Pharma के चेयरमैन, ग्लेन साल्डानाहा के लिए AI पूरे रिसर्च साइकिल का अहम हिस्सा है, खासकर क्लिनिकल ट्रायल डेटा का विश्लेषण करने और रेगुलेटरी फाइलिंग को तेजी से पूरा करने में।

यह कदम वैश्विक फार्मा उद्योग के रुझानों के अनुरूप है, जहां दवा निर्माता AI में अरबों डॉलर का निवेश कर रहे हैं। पिछले साल (2025) में, AI में वैश्विक निवेश $6.93 बिलियन तक पहुंच गया था, जिसके 2034 तक बढ़कर $16.5 बिलियन होने का अनुमान है। यह बढ़ता निवेश R&D उत्पादकता को बदलने में AI की क्षमता को दर्शाता है। Glenmark के लिए, इसकी सहायक कंपनी IGI द्वारा ब्लड कैंसर की दवा ISB2001 को AbbVie को $1.9 बिलियन में आउट-लाइसेंस करने का सौदा, जिसमें $700 मिलियन का अपफ्रंट भुगतान शामिल है, सफल इनोवेशन के वित्तीय लाभ का एक उदाहरण है। Sun Pharma, जिसने पिछले फाइनेंशियल ईयर (FY25) में अपने ₹52,041 करोड़ के रेवेन्यू का 20% इनोवेटिव प्रोडक्ट्स से कमाया है, वह भी इस बदलाव को प्राथमिकता दे रही है।

एनालिटिकल डीप डाइव:

भारत की सबसे बड़ी फार्मा कंपनी Sun Pharma का मार्केट कैप फिलहाल लगभग ₹4.09 ट्रिलियन है और फरवरी 2026 के मध्य तक इसका TTM P/E रेशियो करीब 37.44 है। कंपनी R&D में ₹782 करोड़ (5.40% रेवेन्यू का) का भारी निवेश कर रही है। एनालिस्ट्स Sun Pharma के लिए 'Buy' की सलाह दे रहे हैं, जिनका औसत टारगेट प्राइस ₹1,963.26 है, जो 15% से ज्यादा की संभावित बढ़ोतरी का संकेत देता है। Glenmark Pharmaceuticals, जिसका मार्केट कैप लगभग ₹57,286 करोड़ और TTM P/E रेशियो करीब 53.8 है, वह भी इनोवेशन को लेकर सक्रिय है। एनालिस्ट्स Glenmark के लिए 'Buy' रेटिंग दे रहे हैं, जिनका औसत 12-महीने का टारगेट प्राइस ₹2,192.67 है, जो करीब 8% की संभावित बढ़ोतरी का संकेत है।

दोनों कंपनियां उस बड़े भारतीय ट्रेंड का हिस्सा हैं जहाँ लगभग 20% फार्मा कंपनियां सक्रिय रूप से AI का उपयोग कर रही हैं, और 2026 इस प्रयोग से बड़े पैमाने पर अपनाने की ओर एक परिवर्तनकारी वर्ष साबित हो रहा है। वैश्विक स्तर पर, 95% फार्मा और बायोटेक कंपनियां AI में निवेश कर रही हैं, और AI पर खर्च 2025 में $4 बिलियन से बढ़कर 2030 तक $25 बिलियन होने की उम्मीद है। Dr. Reddy's Laboratories जैसी प्रतिद्वंद्वी कंपनियां पहले ही Aurigene.AI जैसे AI-संचालित ड्रग डिस्कवरी प्लेटफॉर्म लॉन्च कर चुकी हैं, जिससे केमिकल डिजाइन से लेकर सिंथेसिस और टेस्टिंग तक के साइकिल टाइम में 35% की कमी आई है। AI इन ड्रग डिस्कवरी मार्केट में भी महत्वपूर्ण वृद्धि का अनुमान है, जो 2025 में अनुमानित $6.93 बिलियन से बढ़कर 2034 तक $16.52 बिलियन तक पहुंच सकता है। AI का उपयोग खासकर स्मॉल मॉलिक्यूल ड्रग डिस्कवरी में ज्यादा हो रहा है, जहाँ यह मॉलिक्यूल्स को ऑप्टिमाइज़ करता है और डेवलपमेंट टाइमलाइन्स को छोटा करता है।

जोखिम और चुनौतियाँ (Bear Case):

इस आशावादी दृष्टिकोण के बावजूद, Sun Pharma और Glenmark को AI-संचालित इनोवेशन की राह में महत्वपूर्ण चुनौतियाँ और जोखिमों का सामना करना पड़ रहा है। अत्याधुनिक R&D से जुड़े उच्च लागत और दवा विकास की अंतर्निहित अनिश्चितता वित्तीय संसाधनों पर दबाव डाल सकती है। Glenmark, विशेष रूप से, लगभग 53.8 के P/E रेशियो के साथ आता है, जो निवेशकों से उच्च मूल्यांकन की उम्मीदों को दर्शाता है, और अगर ग्रोथ धीमी पड़ती है तो यह अस्थिरता पैदा कर सकता है। हालांकि Glenmark का डेट-टू-EBITDA रेशियो 0.89 जैसे कम स्तर पर है, जो मजबूत वित्तीय स्वास्थ्य का संकेत देता है, AI एकीकरण और नई दवा विकास के लिए आवश्यक निवेश की भारी मात्रा बनी हुई है। Sun Pharma, जिसका P/E लगभग 37.44 है, वह भी एक प्रतिस्पर्धी मूल्यांकन माहौल में काम कर रहा है।

AI जहां समय-सीमा को तेज करने का वादा करता है, वहीं नई दवाओं के लिए नियामक अनुमोदन प्रक्रियाएँ अभी भी कड़ी और समय लेने वाली हैं। इसके अलावा, प्रतिस्पर्धी परिदृश्य तेजी से बढ़ रहा है; जैसे-जैसे अधिक कंपनियां AI अपनाएंगी, इस तकनीक से मिलने वाला अंतर कम हो सकता है, और यह एक मानक संचालन प्रक्रिया बन सकती है। सार्वजनिक स्वास्थ्य अनुप्रयोगों के लिए AI समाधानों की स्केलेबिलिटी (scalability) को लेकर भी चिंताएँ हैं, जैसा कि BCG ने उजागर किया है। Sun Pharma को US नीति परिवर्तनों जैसे प्रस्तावित CMS मूल्य निर्धारण मॉडल से सिरदर्द हो सकता है, जो इसके ब्रांडेड फार्मास्युटिकल्स व्यवसाय को प्रभावित कर सकते हैं। Glenmark के लिए, इसकी अमेरिकी-आधारित सहायक कंपनी IGI द्वारा लिया गया महत्वपूर्ण संसाधन वह खर्च याद दिलाता है जो R&D की वित्तीय मांगों से जुड़ा है, भले ही हाल के लाइसेंसिंग सौदों से वित्तीय राहत मिली हो। अतीत का प्रदर्शन, जैसे कि Sun Pharma Advanced Research Company का Sensex की तुलना में लंबे समय तक नकारात्मक रिटर्न, R&D निवेश हमेशा तत्काल बाजार लाभ में तब्दील नहीं होता है, यह एक चेतावनी की कहानी है।

भविष्य का आउटलुक:

एनालिस्ट्स दोनों कंपनियों पर कुल मिलाकर सकारात्मक रुख बनाए हुए हैं। Sun Pharma को MarketsMojo से 'Buy' रेटिंग मिली है, जो मजबूत फंडामेंटल और बेहतर टेक्निकल आउटलुक का हवाला देते हैं। 38 एनालिस्ट्स से ₹1,963.26 का औसत टारगेट प्राइस और 'Buy' की आम सहमति है। Glenmark Pharmaceuticals के 12 एनालिस्ट्स की 'Buy' आम सहमति रेटिंग है, जिनका औसत 12-महीने का टारगेट प्राइस ₹2,192.67 है। Glenmark के वित्तीय रुझान को 'सकारात्मक' बताया गया है, जिसमें हालिया नेट सेल्स और प्रॉफिट आफ्टर टैक्स में मजबूत वृद्धि देखी गई है। फार्मास्युटिकल्स में AI के लिए व्यापक बाजार में काफी वृद्धि का अनुमान है, जहाँ AI इन फार्मास्युटिकल मार्केट का वैश्विक आकार 2025 से 2034 तक 27% की CAGR से बढ़कर लगभग $16.49 बिलियन होने की उम्मीद है। यह मजबूत बाजार वृद्धि प्रवृत्ति बताती है कि Sun Pharma और Glenmark जैसी कंपनियों द्वारा AI में रणनीतिक निवेश भविष्य की उद्योग मांगों के अनुरूप हैं।

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