मुनाफे में आई बम्पर उछाल
Pfizer के शेयरों में आज गजब की तेजी देखी गई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर कंपनी के शेयर 11.2% उछलकर ₹5,296 के इंट्रा-डे हाई तक पहुँच गए। यह बड़ी उछाल शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों के मुकाबले काफी दमदार थी, जहाँ BSE Sensex इस दौरान सिर्फ 0.39% ही चढ़ पाया।
दमदार नतीजे, रिकॉर्ड रेवेन्यू
इस शेयर की तेजी के पीछे थे कंपनी के तीसरी तिमाही के शानदार नतीजे। Pfizer ने दिसंबर तिमाही में अपने नेट प्रॉफिट (Net Profit) में पिछले साल की तुलना में 11% की वृद्धि दर्ज की, जो ₹127.6 करोड़ से बढ़कर ₹141.84 करोड़ पर पहुँच गया। रेवेन्यू (Revenue) के मोर्चे पर भी कंपनी ने कमाल किया, जिसमें 19.8% की गजब की बढ़ोतरी के साथ ₹537.99 करोड़ से बढ़कर ₹645.03 करोड़ का आंकड़ा छुआ। इस दौरान कुल आय ₹683.24 करोड़ रही, जबकि कुल खर्च ₹433.09 करोड़ दर्ज किया गया।
भारत में लॉन्च हुई नई माइग्रेन दवा
वित्तीय प्रदर्शन के अलावा, Pfizer की नई माइग्रेन दवा, Rimegepant ODT, के भारत में लॉन्च ने भी निवेशकों का भरोसा बढ़ाया है। यह दवा दिसंबर 2025 में भारतीय बाजार में उतारी गई और उन एडल्ट माइग्रेन मरीजों के लिए है जिन्हें ट्रिप्टान-आधारित दवाओं से फायदा नहीं हुआ था। Rimegepant ODT, 75 mg की एक ओरली डिसइंटीग्रेटिंग टैबलेट (ODT) है, जिसे पानी के बिना भी लिया जा सकता है। यह दवा CGRP रिसेप्टर एंटागोनिस्ट्स (antagonists) के ग्रुप की है, जो दर्द के सिग्नल्स को ब्लॉक करने में असरदार मानी जाती है।
भविष्य की राह और बाजार की उम्मीदें
Pfizer का यह कदम भारत में एंटी-माइग्रेन सेगमेंट में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की मंशा को दर्शाता है। अनुमान है कि भारतीय एंटी-माइग्रेन बाजार 2024 में करीब $197.6 मिलियन का था और 2030 तक यह $400 मिलियन के पार जा सकता है। कंपनी की मैनेजिंग डायरेक्टर Meenakshi Nevatia ने जोर देकर कहा कि यह नई दवा मरीजों को माइग्रेन के दर्द से तेजी से राहत दिलाने और उनकी रोजमर्रा की प्रोडक्टिविटी वापस लाने में मदद करेगी। इन मजबूत नतीजों और नई दवाओं के लॉन्च से Pfizer भारतीय स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में अपनी ग्रोथ स्ट्रेटेजी को लेकर आश्वस्त दिख रही है।