Pfizer India के लिए पिछला फाइनेंशियल ईयर मिला-जुला रहा। कंपनी के बोर्ड ने **28 जुलाई 2026** को अपनी सालाना वित्तीय नतीजों को मंजूरी देने के लिए मीटिंग बुलाई है। हालांकि, पूरे साल की बिक्री **10.43%** बढ़कर **₹2,519 करोड़** रही, चौथी तिमाही (Q4) में नेट प्रॉफिट में **39.7%** की भारी गिरावट आई है। निवेशकों की नज़रें डिविडेंड में बड़ी कटौती और बढ़ते ऑपरेशनल खर्चों पर टिकी हैं।
Detailed Coverage
Pfizer India के नतीजों पर एक नज़र
फार्मा सेक्टर की बड़ी कंपनी Pfizer Limited 28 जुलाई 2026 को बोर्ड मीटिंग करने जा रही है। इस मीटिंग में 31 मार्च 2026 को खत्म हुए चौथे क्वार्टर (Q4) और पूरे फाइनेंशियल ईयर के नतीजों पर मुहर लगेगी। इस घोषणा से पहले, कंपनी के शेयर में मामूली गिरावट देखी गई और यह ₹4,623.60 पर बंद हुआ।
सेल्स बढ़ी, पर मुनाफा क्यों घटा?
कंपनी के पूरे साल के परफॉरमेंस में सेल्स ग्रोथ और प्रॉफिटेबिलिटी के बीच एक बड़ा अंतर देखने को मिला है। जहां पूरे साल की कंसोलिडेटेड सेल्स पिछले साल के मुकाबले 10.43% बढ़कर ₹2,519 करोड़ रही, वहीं नेट प्रॉफिट 5.87% घटकर ₹722 करोड़ पर आ गया। इससे यह साफ है कि Pfizer India को इस साल अपने प्रॉफिट मार्जिन पर काफी दबाव झेलना पड़ा है, जो शायद बढ़ी हुई रॉ मैटेरियल कॉस्ट या ऑपरेशनल खर्चों में इज़ाफे के कारण हुआ है।
Q4 में 39.7% की गिरावट
खासतौर पर 31 मार्च 2026 को खत्म हुई चौथी तिमाही में, कंपनी ने ₹199 करोड़ का स्टैंडअलोन प्रॉफिट दर्ज किया है। यह पिछले साल की इसी अवधि में कमाए गए ₹330 करोड़ की तुलना में 39.70% कम है। हालांकि, पिछले क्वार्टर (जो दिसंबर 2025 में खत्म हुआ था) की तुलना में प्रॉफिट में 41.13% का उछाल आया है, जो ₹141 करोड़ से बढ़कर ₹199 करोड़ हो गया। बावजूद इसके, तिमाही बिक्री में 2.48% की मामूली गिरावट दर्ज की गई। इससे पता चलता है कि कंपनी का कॉस्ट मैनेजमेंट क्वार्टर-दर-क्वार्टर काफी बदलता रहता है।
शेयरहोल्डर्स के लिए अहम डिविडेंड पर कैंची
शेयरहोल्डर्स के लिए सबसे बड़ी चिंता कंपनी की कैपिटल एलोकेशन पॉलिसी को लेकर है। बोर्ड ने फाइनेंशियल ईयर 2026 के लिए ₹75.00 प्रति शेयर का डिविडेंड घोषित किया है। यह पिछले साल दिए गए ₹165.00 के डिविडेंड के मुकाबले एक बड़ी कटौती है। हालांकि, पूरे साल के बेसिक अर्निंग्स पर शेयर (EPS) में ₹136.46 से बढ़कर ₹157.92 हो गया है, लेकिन डिविडेंड में इस कटौती को कंपनी के कैश फ्लो की ज़रूरतें और भविष्य की एक्सपेंशन प्लानिंग को देखते हुए निवेशकों द्वारा एनालाइज किया जाएगा।
आगे क्या?
Pfizer India फिलहाल 29.89 के प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेश्यो और 5.14 के प्राइस-टू-बुक (P/B) रेश्यो पर ट्रेड कर रहा है। कंपनी का मार्केट कैपिटलाइजेशन लगभग ₹21,151.92 करोड़ है। भारतीय फार्मा मार्केट में आगे बढ़ते हुए, निवेशक कंपनी के मैनेजमेंट से प्रॉफिट मार्जिन में गिरावट और कम डिविडेंड भुगतान के पीछे की रणनीति को लेकर स्पष्टीकरण की उम्मीद करेंगे। आने वाले क्वार्टर्स में, सेल्स ग्रोथ बनाए रखते हुए प्रॉफिट मार्जिन को स्थिर करने की कंपनी की क्षमता निवेशकों के लिए मुख्य फोकस बनी रहेगी।
