Pfizer India के नाम पर चल रहे फर्जी दवाओं के रैकेट का कर्नाटक में पर्दाफाश हुआ है। अथॉरिटीज ने **₹5.05 करोड़** की नकली दवाएं जब्त की हैं और **16** लाइसेंस रद्द कर दिए हैं, जिससे कंपनी की सप्लाई चेन पर सवाल खड़े हो गए हैं।
रेड और कार्रवाई की पूरी जानकारी
कर्नाटक फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने बेंगलुरु के कुरुबराहल्ली में एक अवैध मैन्युफैक्चरिंग यूनिट पर छापेमारी की। इस कार्रवाई में भारी मात्रा में नकली दवाएं, मशीनरी और प्रिंटिंग इक्विपमेंट बरामद किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग ₹5.05 करोड़ आंकी गई है।
रेगुलेटरी एक्शन इतना सख्त है कि अथॉरिटीज ने सप्लाई चेन में शामिल 16 रिटेल और होलसेल एंटिटीज के लाइसेंस कैंसिल कर दिए हैं, जबकि 8 अन्य को सस्पेंड किया गया है।
कैसे होता था खेल?
जांच में सामने आया है कि यह गिरोह दूसरे राज्यों से सस्ती जेनेरिक दवाएं खरीदता था और उन्हें Pfizer के महंगे ब्रांड्स के लेबल लगाकर बाजार में बेचता था। Pfizer India ने इस मामले में तुरंत एक्शन लेते हुए प्रभावित बैचों को बाजार से वापस लेना शुरू कर दिया है। कंपनी रेगुलेटर्स को तकनीकी मदद भी दे रही है ताकि इस पूरे डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क का पता लगाया जा सके।
निवेशकों के लिए जोखिम
फार्मा सेक्टर में ऐसी घटनाएं सीधे तौर पर कंपनी की 'ब्रांड इक्विटी' और मार्केट में भरोसे को प्रभावित करती हैं। निवेशकों को अब इस बात पर नजर रखनी चाहिए कि क्या यह नेटवर्क केवल कर्नाटक तक सीमित था या अन्य राज्यों में भी फैला है। भविष्य में कंपनी की सप्लाई चेन सिक्योरिटी और डिस्ट्रीब्यूशन पार्टनर्स पर सख्त मॉनिटरिंग ही निवेशकों का भरोसा कायम रख पाएगी। यह पूरा मामला फिलहाल 'ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट' के तहत जांच के दायरे में है।
