IPO फंड्स का बड़ा हिसाब-किताब!
Park Medi World Limited ने इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) से जुटाए गए पैसों को खर्च करना शुरू कर दिया है। CRISIL रेटिंग्स की रिपोर्ट के अनुसार, दिसंबर 2025 को समाप्त हुई तिमाही (Q3 FY26) में कंपनी ने कुल ₹2,371.70 मिलियन का इस्तेमाल किया है। कंपनी के कुल ₹7,700 मिलियन के ग्रॉस IPO प्रोसीड्स में से ₹567.23 मिलियन इश्यू एक्सपेंस के तौर पर खर्च हुए, जिसके बाद ₹7,132.77 मिलियन नेट प्रोसीड्स उपलब्ध थे।
इस तिमाही में सबसे बड़ी रकम, ₹1,430.90 मिलियन, सब्सिडियरी कंपनियों के लोन चुकाने में इस्तेमाल की गई। इसके साथ ही, ₹795.00 मिलियन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा "अनआइडेंटिफाइड इनऑर्गेनिक एक्विजिशन और जनरल कॉर्पोरेट पर्पस (GCP)" के लिए आवंटित किया गया। इस राशि में KPIMS (₹495 मिलियन), कृष्णा सुपर-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल (₹250 मिलियन), और देविन डेरमा प्राइवेट लिमिटेड (₹50 मिलियन) जैसी कंपनियों के अधिग्रहण में आंशिक फंडिंग शामिल है। गौरतलब है कि इस तिमाही के दौरान नए हॉस्पिटल या मेडिकल इक्विपमेंट पर किसी भी तरह का कैपिटल एक्सपेंडिचर (CAPEX) नहीं किया गया।
CRISIL ने दी हरी झंडी, आगे की क्या है योजना?
मॉनिटरिंग एजेंसी, CRISIL रेटिंग्स, ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि कंपनी के IPO के उद्देश्यों में कोई विचलन (deviation) नहीं है और न ही लागतों में कोई संशोधन (revision) हुआ है। फंड का पूरा इस्तेमाल ऑफर डॉक्यूमेंट में बताए गए लक्ष्यों के अनुरूप ही हुआ है।
फिलहाल, ₹7,700 मिलियन में से ₹5,328.30 मिलियन की एक बड़ी राशि अभी भी अनयूटिलाइज्ड (Unutilized) पड़ी है। यह बड़ी बाकी राशि भविष्य में कैपिटल एक्सपेंडिचर, कर्ज़ में और कमी लाने, और संभावित आगे के अधिग्रहणों के लिए रखी गई है, जो कंपनी के भविष्य के ग्रोथ और रणनीतिक योजनाओं की ओर इशारा करती है।