Park Hospitals ने पूरे देश में फैलने के बजाय उत्तर भारत पर ध्यान केंद्रित करने की नई रणनीति अपनाई है। कंपनी ने हाल ही में अपने मुनाफे में **35%** की शानदार उछाल दर्ज की है और 2028 तक **6,600** बेड तक पहुंचने का लक्ष्य रखा है।
रीजनल ग्रोथ का मॉडल
Park Medi World Limited द्वारा संचालित Park Hospitals हेल्थकेयर सेक्टर में एक अलग राह चुन रहा है। कंपनी फिलहाल उत्तर भारत के 6 राज्यों के 15 शहरों में 17 अस्पताल चला रही है। 'क्लस्टर' (Cluster) मॉडल अपनाकर कंपनी एक ही इलाके में अस्पतालों को बढ़ा रही है, जिससे डॉक्टरों की शेयरिंग और मेडिकल सप्लाई की खरीद आसान हो जाती है। यह रणनीति नए इलाकों में ब्रांड बनाने के भारी खर्च को बचाती है।
बड़ा विस्तार और सरकारी साझेदारी
कंपनी का लक्ष्य दिसंबर 2028 तक अपनी क्षमता को 4,290 बेड से बढ़ाकर 6,600 बेड करना है। प्रयागराज में 550 बेड का नया प्रोजेक्ट इसका बड़ा उदाहरण है। खास बात यह है कि प्रयागराज म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के साथ साझेदारी में, सरकार कुल ₹200 करोड़ की लागत में से ₹76.52 करोड़ वापस (reimburse) करेगी, जिससे कंपनी पर कर्ज का बोझ कम होगा।
मजबूत फाइनेंशियल रिपोर्ट
चालू फाइनेंशियल ईयर की पहली तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है। रेवेन्यू 19% बढ़कर ₹475.7 करोड़ रहा, जबकि नेट प्रॉफिट 35% की उछाल के साथ ₹88.6 करोड़ पर पहुंच गया। कंपनी की बैलेंस शीट भी काफी मजबूत है, जिसमें करीब ₹400 करोड़ का कैश रिजर्व है और सिर्फ ₹25 करोड़ का लॉन्ग-टर्म डेट है।
निवेशकों के लिए रिस्क फैक्टर्स
हालांकि यह मॉडल काफी असरदार है, लेकिन निवेशकों को 'जियोग्राफिक रिस्क' (Geographic Risk) पर ध्यान देना होगा। चूंकि सारा कारोबार उत्तर भारत में सिमटा है, इसलिए क्षेत्र विशेष की आर्थिक या रेगुलेटरी चुनौतियों का असर पूरे बिजनेस पर पड़ सकता है। इसके अलावा, बड़े प्रोजेक्ट्स में देरी और स्किल्ड मेडिकल स्टाफ की भर्ती भी एक चुनौती बनी हुई है। कंपनी पहले भी टैक्स विभाग की जांच (verification activities) का सामना कर चुकी है, जिसे लेकर मैनेजमेंट ने स्पष्ट किया है कि इससे काम पर कोई असर नहीं पड़ा है।
