📉 नतीजों का पोस्टमार्टम: रेवेन्यू चमका, पर प्रॉफिट पर गिरी गाज!
31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तीसरी तिमाही (Q3 FY26) के नतीजों में, Procter & Gamble Health Limited (P&G Health) का रेवेन्यू जहां 20.7% बढ़कर ₹37,386 लाख (₹373.86 करोड़) तक पहुंच गया, वहीं कंपनी की कुल आय (Total Income) में 20.5% की वृद्धि देखी गई, जो ₹37,822 लाख रही। लेकिन, लागतों में बेतहाशा बढ़ोतरी ने प्रॉफिट पर भारी मार गिराई।
तिमाही के दौरान कंपनी के कुल खर्चे 40.3% की भारी छलांग लगाकर ₹26,940 लाख पर पहुंच गए। इनमें सबसे बड़ा योगदान कच्चे माल की लागत (Cost of Materials Consumed) में 37.1% की वृद्धि, कर्मचारी लाभ खर्च (Employee Benefits Expenses) में 31.4% की बढ़ोतरी और अन्य खर्चों (Other Expenses) में 44.4% की जबरदस्त बढ़ोतरी का रहा।
इन बढ़ी हुई लागतों का सीधा असर कंपनी के प्रॉफिट बिफोर टैक्स (PBT) पर पड़ा, जो साल-दर-साल 10.6% गिरकर ₹10,882 लाख रह गया। अंततः, नेट प्रॉफिट में 14.6% की गिरावट दर्ज की गई, जो पिछले साल के ₹9,090 लाख की तुलना में इस तिमाही में ₹7,759 लाख (₹77.59 करोड़) हो गया। प्रति शेयर आय (Diluted Earnings Per Share - EPS) भी घटकर ₹46.74 रह गई, जो पिछले साल इसी अवधि में ₹54.76 थी।
नौ महीनों का प्रदर्शन:
जहां तिमाही नतीजों में गिरावट दिखी, वहीं बीते नौ महीनों (Nine-Month Period) का प्रदर्शन बेहतर रहा। इस अवधि में रेवेन्यू फ्रॉम ऑपरेशंस 14.4% बढ़कर ₹103,752 लाख (₹1,037.52 करोड़) हो गया। वहीं, नेट प्रॉफिट में 22.3% की अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो ₹23,231 लाख (₹232.31 करोड़) तक पहुंच गया। इस ग्रोथ में एक राहत की बात यह रही कि पिछले साल की समान अवधि में इंजेक्शन प्लांट की बिक्री और इम्पेयरमेंट से जुड़े ₹2,019 लाख के एक असाधारण खर्चे (Exceptional Item) का इस बार अभाव था।
अंतरिम डिविडेंड का ऐलान:
शेयरधारकों को पुरस्कृत करने के लिए, कंपनी के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने फाइनेंशियल ईयर 2025-26 के लिए ₹160 प्रति शेयर का अंतरिम डिविडेंड (Interim Dividend) घोषित किया है। इसमें ₹50 प्रति शेयर का एक विशेष डिविडेंड (Special Dividend) भी शामिल है। भुगतान 4 मार्च, 2026 तक कर दिया जाएगा।
आगे की राह:
इस तिमाही के नतीजों में सबसे बड़ी चिंता लागतों, खासकर कच्चे माल और परिचालन खर्चों में हुई अप्रत्याशित वृद्धि से मार्जिन पर पड़ा दबाव है। हालांकि रेवेन्यू ग्रोथ मजबूत बनी हुई है, निवेशक अब मैनेजमेंट से लागत नियंत्रण और मार्जिन को सुरक्षित रखने की रणनीति का इंतजार करेंगे।