CDMO सेक्टर में वैल्यूएशन का क्रेज
यह डील भारत के कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गनाइजेशन (CDMO) स्पेस में प्राइवेट इक्विटी (PE) फंड्स के बढ़ते निवेश का एक बड़ा उदाहरण है। Encube Ethicals का $1.8 अरब (लगभग ₹16,500 करोड़) का वैल्यूएशन, जो इसके अनुमानित FY26 EBITDA का करीब 24 गुना है, यह साफ दिखाता है कि निवेशक इस सेक्टर में अच्छी ग्रोथ वाली कंपनियों पर भारी दांव लगाने को तैयार हैं। इस प्रीमियम वैल्यूएशन की वजह ग्लोबल सप्लाई चेन में आए बदलाव हैं, जहां कंपनियां चीन के बजाय भारत जैसे देशों पर भरोसा बढ़ा रही हैं। साथ ही, भारत की लागत दक्षता (Cost Efficiency) भी एक अहम कारक है। अनुमान है कि भारतीय CDMO मार्केट अगले पांच सालों में 15-20% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) से बढ़ेगा।
स्ट्रेटेजिक मूव्स और ग्रोथ के फैक्टर
1998 में स्थापित Encube Ethicals, खास तौर पर टॉपिकल फॉर्मूलेशन (Topical Formulations) के क्षेत्र में अपनी पहचान बना चुकी है। कंपनी ने 2021 में Sanofi से Soframycin जैसे ब्रांड्स का अधिग्रहण भी किया था, जिससे इसकी मार्केट पोजिशन और मजबूत हुई। गोवा और इंदौर में अपनी तीन मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स के साथ, Encube को US FDA सहित 12 अंतरराष्ट्रीय रेगुलेटरी अथॉरिटीज से महत्वपूर्ण अप्रूवल मिले हुए हैं। भविष्य की ग्रोथ का दारोमदार इसके बड़े पाइपलाइन पर टिका है, जिसमें अमेरिका में एब्रिविएटेड न्यू ड्रग एप्लीकेशन्स (ANDAs) के लिए की जाने वाली फाइलिंग्स शामिल हैं, जिनसे ₹800 करोड़ से ज्यादा का रेवेन्यू आने की उम्मीद है। कंपनी का लक्ष्य अगले तीन सालों में अपनी सेल्स को बढ़ाकर ₹4,000 करोड़ तक पहुंचाना है, जो 2021 के लगभग ₹500 करोड़ के आंकड़े से कहीं ज्यादा है। FY26 के लिए ₹1,880 करोड़ के रेवेन्यू और FY27 तक 30% EBITDA मार्जिन का लक्ष्य रखा गया है।
कॉम्पिटिशन और निवेशकों की नजर
Warburg Pincus और Mubadala के अलावा, स्वीडिश फर्म EQT भी इस डील में एक मजबूत दावेदार के तौर पर बनी हुई है। डील के मौजूदा स्ट्रक्चर के अनुसार, Quadria Capital जैसे मौजूदा फाइनेंशियल इन्वेस्टर्स अपनी पूरी हिस्सेदारी बेच सकते हैं, जबकि फाउंडर Mehul Shah के नेतृत्व वाले प्रमोटर ग्रुप की हिस्सेदारी घटकर 15% से 20% रह जाएगी। फाउंडर का इतना बड़ा डाइल्यूशन (Dilution) कंपनी के फ्यूचर मोटिवेशन पर सवाल खड़े कर सकता है। 24x EBITDA का यह मल्टीपल (Multiple) इंडस्ट्री में सबसे ऊपर है, जो Encube पर उम्मीदों पर खरा उतरने का जबरदस्त दबाव डालेगा। कंपनी को Syngene International या Divi's Laboratories जैसे बड़े और स्थापित CDMOs से कड़ी प्रतिस्पर्धा का सामना भी करना पड़ सकता है।
भविष्य की राह और डील का स्ट्रक्चर
प्रस्तावित डील के तहत, Warburg Pincus-Mubadala कंसोर्टियम Encube Ethicals की 51% से 75% तक की बहुमत हिस्सेदारी का अधिग्रहण कर सकता है, हालांकि सटीक प्रतिशत पर अभी बातचीत जारी है। उम्मीद है कि फाउंडर Mehul Shah अगले 4 सालों में कंपनी के IPO (Initial Public Offering) लॉन्च होने तक को-प्रमोटर की भूमिका में बने रहेंगे। Warburg Pincus और Mubadala जैसे बड़े फंड्स का इसमें निवेश बताता है कि वे कंपनी को भविष्य में बड़े एग्जिट (Exit) के लिए तैयार करेंगे। इस हाई-मल्टीपल एंट्री की सफलता काफी हद तक Encube की महत्वाकांक्षी ग्रोथ योजनाओं, खासकर कॉम्प्लेक्स फार्मास्युटिकल फॉर्मूलेशन में उसके विस्तार, को सफलतापूर्वक लागू करने की क्षमता पर निर्भर करेगी।