PB Fintech अब हेल्थकेयर सेक्टर में बड़ा विस्तार करने जा रही है। कंपनी **₹10,000 करोड़** के निवेश के साथ **500** अस्पताल खोलने की योजना बना रही है, जिसकी शुरुआत मार्च तक **4** अस्पतालों के साथ होगी।
अस्पताल नेटवर्क का विस्तार
पॉलिसीबाजार की पैरेंट कंपनी PB Fintech अपने डिजिटल एसेट-लाइट बिजनेस मॉडल से हटकर अब फिजिकल हेल्थकेयर इंफ्रास्ट्रक्चर की ओर कदम बढ़ा रही है। कंपनी के CEO यशिश दहिया ने पुष्टि की है कि उनका लक्ष्य लंबे समय में 500 अस्पताल बनाने का है। शुरुआती चरण में कंपनी 20 से 30 हॉस्पिटल साइट्स पर ध्यान केंद्रित कर रही है। मार्च तक 4 अस्पताल (प्रत्येक 200 बेड की क्षमता वाले) शुरू किए जाएंगे और अगले साल 6 और हॉस्पिटल जोड़े जाएंगे। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के लिए कंपनी इक्विटी और कर्ज दोनों का सहारा लेगी।
गवर्नेंस और हितों का टकराव (Conflict of Interest)
इस बड़े बदलाव के साथ ही बाजार में कई सवाल भी उठ रहे हैं। चिंता इस बात की है कि एक ही ग्रुप के पास इंश्योरेंस प्लेटफॉर्म और अस्पतालों की चेन होने से हितों का टकराव हो सकता है। क्या कंपनी अपने प्लेटफॉर्म के ग्राहकों को अपने ही अस्पताल में इलाज कराने के लिए प्रेरित करेगी? इन चिंताओं पर सफाई देते हुए यशिश दहिया ने कहा कि 'PB Health' एक अलग और इंडिपेंडेंट इकाई के रूप में काम करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मेडिकल स्टाफ को फिक्स्ड सैलरी दी जाएगी, न कि किए गए इलाज या टेस्ट के आधार पर कमीशन।
रेगुलेटरी और चुनौतियां
कंपनी के सामने केवल ऑपरेशनल चुनौतियां ही नहीं, बल्कि रेगुलेटरी जोखिम भी हैं। IRDAI की ओर से इंश्योरेंस डिस्ट्रीब्यूशन कमीशन पर कैप लगाने की चर्चा से कंपनी का मुख्य कारोबार प्रभावित हो सकता है। निवेशकों के लिए अब सबसे बड़ा मॉनिटरेबल यह होगा कि कंपनी अस्पताल बनाने के भारी-भरकम खर्च और ऑपरेशनल एफिशिएंसी को कैसे मैनेज करती है। डिजिटल से फिजिकल स्पेस में शिफ्ट होने का यह रास्ता कितना प्रॉफिटेबल साबित होगा, यह आने वाली तिमाहियों में पता चलेगा।
