Orchid Pharma Share Price: निवेशकों को बड़ा झटका! कंपनी घाटे में डूबी, ऑडिटर की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता

HEALTHCAREBIOTECH
Whalesbook Logo
AuthorKaran Malhotra|Published at:
Orchid Pharma Share Price: निवेशकों को बड़ा झटका! कंपनी घाटे में डूबी, ऑडिटर की रिपोर्ट ने बढ़ाई चिंता
Overview

Orchid Pharma Limited के निवेशकों को तगड़ा झटका लगा है। कंपनी ने Q3 FY26 में **₹1,261.35 लाख** का बड़ा कंसोलिडेटेड नेट लॉस (Net Loss) दर्ज किया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में कंपनी मुनाफा कमा रही थी। इस तिमाही में कंपनी का रेवेन्यू भी **4.8%** घटकर **₹20,726.70 लाख** हो गया है। चिंताजनक बात यह है कि कंपनी के ऑडिटर ने अपनी रिपोर्ट में कुछ महत्वपूर्ण चिंताएं जताई हैं, जो कि पिछले पीरीयड्स से भी चली आ रही हैं। वहीं, कंपनी Amalgamation की प्रक्रिया पर भी आगे बढ़ रही है।

Orchid Pharma Q3 FY26: घाटे में फिसली कंपनी, ऑडिटर की रिपोर्ट ने खड़ा किया सवाल

Orchid Pharma Limited ने 31 दिसंबर, 2025 को समाप्त हुई तिमाही (Q3 FY26) और नौ महीनों के लिए अपने नतीजे पेश किए हैं, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय बने हुए हैं। कंसोलिडेटेड रेवेन्यू (Consolidated Revenue) में 4.8% की गिरावट आई है, जो ₹20,726.70 लाख रहा, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह ₹21,734.25 लाख था।

📉 फाइनेंशल परफॉरमेंस पर गहरी नजर

कंपनी की बॉटम लाइन (Bottom Line) यानी मुनाफे पर सबसे बुरा असर पड़ा है। Orchid Pharma को Q3 FY26 में ₹1,261.35 लाख का कंसोलिडेटेड नेट लॉस (Net Loss) हुआ है। यह पिछले साल की इसी तिमाही में दर्ज किए गए ₹2,077.51 लाख के कंसोलिडेटेड प्रॉफिट (Consolidated Profit) के बिल्कुल विपरीत है।

नौ महीने की अवधि में भी हालात कुछ खास नहीं हैं। कंसोलिडेटेड नेट लॉस ₹323.32 लाख पर पहुंच गया है, जबकि पिछले साल इसी अवधि में कंपनी ने ₹7,736.22 लाख का मुनाफा कमाया था।

स्टैंडअलोन (Standalone) स्तर पर भी स्थिति गंभीर है। Q3 FY26 में ₹582.43 लाख का स्टैंडअलोन नेट लॉस दर्ज किया गया (पिछले साल ₹2,390.63 लाख के मुनाफे के मुकाबले)। वहीं, नौ महीनों का स्टैंडअलोन नेट लॉस ₹1,460.42 लाख रहा, जबकि पिछले साल ₹7,863.47 लाख का प्रॉफिट था।

इसके अलावा, कंपनी ने 'एक्सेप्शनल आइटम' (Exceptional Item) के तहत ₹711.27 लाख को कर्मचारी लाभ (Employee Benefits) के रूप में दर्ज किया है, जो नए लेबर कोड (Labour Codes) के लागू होने से जुड़ा है।

🚩 ऑडिटर की 'क्वालिफाइड' रिपोर्ट और Amalgamation

इन नतीजों में सबसे बड़ी चिंता स्टेट्यूटरी ऑडिटर (Statutory Auditors), Singhi & Co. की तरफ से आई 'क्वालिफाइड कंक्लूजन' (Qualified Conclusion) वाली रिपोर्ट है। ऑडिटर ने कहा है कि उन्हें सब्सिडियरी कंपनियों (Subsidiary Companies) की अन-ऑडिटेड (Unaudited) फाइनेंसियल जानकारी पर निर्भर रहना पड़ा और कुछ इकाइयों के लिए रिव्यू का दायरा सीमित (Limited Review Scope) था। ऑडिटर ने स्पष्ट रूप से यह बात 'रिकरिंग इशू' (Recurring Issue) बताई है, जो पिछले पीरीयड्स (Previous Periods) से भी देखी जा रही है। इससे कंपनी की फाइनेंसियल रिपोर्टिंग की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

रणनीतिक (Strategic) तौर पर, Orchid Pharma अपनी होल्डिंग कंपनी Dhanuka Laboratories Limited के साथ Amalgamation की स्कीम पर आगे बढ़ रही है। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में इस मामले की अगली सुनवाई 02 मार्च, 2026 को होनी है। जून 2023 में हुए QIP (Qualified Institutional Placement) से मिले फंड्स का इस्तेमाल सब्सिडियरी में निवेश, कर्ज चुकाने और कैपिटल एक्सपेंडिचर (Capital Expenditure) में किया गया है।

हालांकि, लगातार गिरता रेवेन्यू, बढ़ता घाटा और ऑडिटर की चिंताओं के कारण निवेशकों को कंपनी के भविष्य को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी जाती है। Amalgamation प्रक्रिया भी कुछ अनिश्चितता बढ़ा सकती है।

Disclaimer:This content is for educational and informational purposes only and does not constitute investment, financial, or trading advice, nor a recommendation to buy or sell any securities. Readers should consult a SEBI-registered advisor before making investment decisions, as markets involve risk and past performance does not guarantee future results. The publisher and authors accept no liability for any losses. Some content may be AI-generated and may contain errors; accuracy and completeness are not guaranteed. Views expressed do not reflect the publication’s editorial stance.