मेडिकल डिवाइस सेक्टर में बड़े बदलाव की आहट! Omron Healthcare ने चेन्नई के पास अपना नया मैन्युफैक्चरिंग प्लांट शुरू किया है। कंपनी का लक्ष्य **2028** तक सालाना **30 लाख** ब्लड प्रेशर मॉनिटर बनाने का है।
भारत में 'मेक इन इंडिया' पर जोर
जापान की दिग्गज कंपनी Omron Healthcare ने चेन्नई में अपनी पहली भारतीय मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में काम शुरू कर दिया है। 24,000 वर्ग मीटर में फैली यह यूनिट सप्लाई चेन को लोकलाइज करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। कंपनी का मकसद भारत में बढ़ती हाइपरटेंशन की समस्या और घरों में डायग्नोस्टिक डिवाइस की कम पहुंच के बीच की खाई को भरना है। फिलहाल, भारत के 5% से भी कम घरों में ब्लड प्रेशर मॉनिटरिंग डिवाइस का इस्तेमाल होता है, जबकि मार्केट में कंपनी की हिस्सेदारी 40% (साल 2025 तक) है।
क्यों अहम है यह प्लांट?
यह कदम सरकार के 'मेक इन इंडिया' पहल के साथ तालमेल बिठाता है। अभी तक भारत में मेडिकल डिवाइस का एक बड़ा हिस्सा आयात (Import) किया जाता है, लेकिन अब कंपनी स्थानीय स्तर पर असेंबलिंग करके न केवल लागत कम करना चाहती है, बल्कि सप्लाई चेन को भी सुरक्षित बनाना चाहती है। क्वालिटी स्टैंडर्ड्स को जापान और वियतनाम की फैक्ट्रियों जैसा ही रखा गया है, ताकि भरोसे में कोई कमी न आए।
भविष्य की राह और चुनौतियां
हालांकि कंपनी का ध्यान फिलहाल भारतीय बाजार पर है, लेकिन लंबी अवधि में इस साइट को एक एक्सपोर्ट हब के तौर पर भी विकसित किया जा सकता है। मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, चुनौती कच्चे माल की स्थानीय उपलब्धता और सस्ते विकल्पों से मिल रही कड़ी प्रतिस्पर्धा से निपटने की होगी। निवेशकों के लिए कंपनी के मार्जिन और स्थानीय स्तर पर कंपोनेंट्स की सोर्सिंग की रफ्तार पर नजर रखना जरूरी होगा।
