पेटेंट की मियाद खत्म, जेनेरिक का खतरा?
Ozempic और Wegovy के एक्टिव इंग्रीडिएंट (active ingredient) semaglutide की पेटेंट मियाद खत्म होने के बाद, India में कई लोकल फार्मा कंपनियों जैसे Sun Pharma, Dr. Reddy's Laboratories, और Zydus Lifesciences ने इन दवाओं के सस्ते जेनेरिक वर्ज़न लॉन्च कर दिए हैं। अब, Novo Nordisk AG ने India में इन दवाओं की कीमतों में बड़ी कटौती करके इस चुनौती का सामना करने की रणनीति बनाई है।
कीमतों में कितनी हुई कटौती?
कंपनी ने Ozempic की कीमत में 36% की कटौती की है, वहीं Wegovy की शुरुआती खुराक (starting dose) को 48% सस्ता कर दिया गया है।
कीमत-संवेदनशील बाज़ार में ब्रांड की ताकत
Novo Nordisk के एग्जीक्यूटिव वाइस-प्रेसिडेंट (Executive Vice-President) Emil Larsen ने कहा कि India जैसे कीमत-संवेदनशील (price-sensitive) बाज़ार में बने रहना और कॉम्पीटिशन में टिके रहना बहुत ज़रूरी है। उन्होंने बताया कि कंपनी अपने प्रोडक्ट की क्वालिटी और स्थापित ब्रांड वैल्यू पर भरोसा करके मुकाबला करेगी। कंपनी को अपने इंसुलिन प्रोडक्ट्स के साथ भी ऐसा ही अनुभव रहा है, जहाँ पेटेंट खत्म होने के बाद भी ब्रांड वैल्यू की वजह से वे बाज़ार में अपनी पकड बनाए रखने में कामयाब रहे।
लोकल पार्टनरशिप से बढ़ाई पहुंच
इसके अलावा, Novo Nordisk ने India में अपनी पहुंच और डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क को मज़बूत करने के लिए लोकल कंपनियों के साथ भी पार्टनरशिप की है। इनमें Emcure Pharma Ltd. के साथ 'Poviztra' इंजेक्शन और Abbott India Ltd. के साथ 'Extensior' के लिए हुए एग्रीमेंट शामिल हैं।
बाज़ार का साइज़, चुनौती और मौका
Emil Larsen ने India में वेट-लॉस ड्रग्स के बाज़ार के अपेक्षाकृत छोटे आकार को एक बड़ी चुनौती और भविष्य में ग्रोथ के बड़े मौके के तौर पर देखा है। उन्होंने यह भी बताया कि Novo Nordisk डेनमार्क की तुलना में India में अभी कम मरीज़ों का इलाज करती है, जो इस बाज़ार में अच्छी ग्रोथ की संभावनाओं को दर्शाता है। कंपनी का मानना है कि एक मजबूत, भरोसेमंद ब्रांड, जिसका अच्छा ट्रैक रिकॉर्ड हो, अगर उचित मूल्य पर पेश किया जाए तो यह उभरते बाजारों में काफी सफल हो सकता है।