वेट लॉस दवाओं के बाजार में धाक जमाने वाली Novo Nordisk अब अपनी निर्भरता कम करने के लिए नए क्षेत्रों में उतरने की तैयारी कर रही है। कंपनी हेयर लॉस, एडिक्शन और मेनोपॉज के इलाज के लिए नई दवाएं लाने वाली है।
बाजार की नई चुनौती और कंपनी का दांव
Novo Nordisk के लिए Ozempic और Wegovy जैसी दवाएं अब तक ग्रोथ का मुख्य इंजन रही हैं। लेकिन, आने वाले वर्षों में इन दवाओं का पेटेंट खत्म होने वाला है, जिसके बाद बाजार में सस्ती जेनेरिक (Generic) दवाएं आ जाएंगी। इस चुनौती को भांपते हुए कंपनी अब अपने बिजनेस पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई कर रही है। कंपनी का लक्ष्य अब हेयर लॉस, एडिक्शन (नशा मुक्ति) और मेनोपॉज जैसे गंभीर क्षेत्रों में अपनी पकड़ बनाना है।
Eli Lilly से मुकाबला और निवेशकों की चिंता
फार्मा सेक्टर में प्रतिस्पर्धा तेजी से बढ़ रही है, खास तौर पर Eli Lilly की तरफ से मिल रही चुनौती ने कंपनी की मार्केट लीडरशिप को दबाव में डाल दिया है। हालांकि कंपनी अपने पुराने हार्मोनल रिसर्च के अनुभव का लाभ उठाकर नई दवाओं पर काम कर रही है, लेकिन निवेशकों में अभी भी लॉन्ग-टर्म ग्रोथ प्लान को लेकर थोड़ी हिचकिचाहट है।
आगे का रास्ता
कंपनी ने अगले साल की शुरुआत तक 8 क्लिनिकल प्रोग्राम्स को मिड-स्टेज ट्रायल्स में ले जाने का लक्ष्य रखा है। मैनेजमेंट नई दवाओं को डेवलप करने के लिए इंटरनल रिसर्च के साथ-साथ दूसरी कंपनियों के अधिग्रहण (Acquisition) के विकल्प पर भी विचार कर रहा है। आने वाले समय में इन ट्रायल्स के नतीजे ही तय करेंगे कि क्या Novo Nordisk अपनी मार्केट डोमिनेंस को बरकरार रख पाएगी या नहीं।
