ज़्यादा वज़न घटाने के लिए हाई-डोस
Motaape (Obesity) के मरीज़ों को ज़्यादा इलाज के विकल्प देने के लिए Novo Nordisk अपनी semaglutide दवा Wegovy का एक हाई-डोस वर्जन लॉन्च कर रही है। यह कदम ऐसे समय में आया है जब कंपनी को, खासकर भारत जैसे बाज़ारों में, जेनेरिक semaglutide के बढ़ते कॉम्पिटिशन का सामना करना पड़ रहा है।
Novo Nordisk के एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट (इंटरनेशनल ऑपरेशंस), Emil Kongshøj Larsen ने कहा, “मोटापे के हर मरीज़ के लिए एक ही इलाज काफी नहीं है।” उन्होंने अलग-अलग इलाज की ज़रूरत पर ज़ोर दिया। 7.2 mg हाई-डोस Wegovy को यूरोप और यूके में लॉन्च किया जाएगा, जिसका लक्ष्य लोगों को ज़्यादा वज़न कम करने में मदद करना है।
European Congress on Obesity में पेश किए गए डेटा के अनुसार, इस ज़्यादा डोज़ से शुरुआती रिस्पॉन्डर्स 28% तक वज़न घटाने में कामयाब हो सकते हैं। Wegovy पिल पर आगे के डेटा से पता चला है कि शुरुआती रिस्पॉन्डर्स 22% तक वज़न घटा सकते हैं। Larsen ने बताया कि मौजूदा Wegovy के ट्रायल्स में औसतन 17% वज़न घटा है, जो ओरल मोटापे की दवाओं में सबसे ज़्यादा है। क्लिनिकल ट्रायल डेटा यह भी बताता है कि हाई-डोस Wegovy से होने वाला वज़न घटाव मुख्य रूप से फैट (fat) होता है, जिससे मरीज़ों की ताकत और चलने-फिरने की क्षमता बनी रहती है।
भारत के बाज़ार की रणनीति
Novo Nordisk इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर, Vikrant Shrotriya ने भारत में 7.2 mg डोज़ के लिए रेगुलेटरी अप्रूवल लेने की योजनाओं की पुष्टि की है। उन्होंने भारत में पहले से उपलब्ध डोज़ स्ट्रेंथ्स में भी बड़ा मौका देखा है और उनका मानना है कि ये मरीज़ों को काफी समय तक प्रभावी ढंग से सेवा देते रहेंगे। घरेलू निर्माताओं द्वारा कम कीमतों पर जेनेरिक semaglutide की पेशकश के बावजूद, Larsen को Novo Nordisk के Wegovy और Ozempic के बाज़ार में लीडरशिप बनाए रखने का भरोसा है, क्योंकि semaglutide से फायदा उठाने वाले मरीज़ों की संख्या लगातार बढ़ रही है। कंपनी ने semaglutide के कार्डियोवैस्कुलर फायदों पर भी डेटा पेश किया, जिसमें पोस्ट-मेनोपॉज़ल महिलाओं में रिस्क कम होने के प्रमाण शामिल हैं।
लंबे समय तक चलने वाले इलाज की ज़रूरत
Larsen ने मोटापे को एक क्रॉनिक (chronic), बार-बार होने वाली बीमारी बताया है। उनका कहना है कि semaglutide, स्टेटिन्स (statins) या इंसुलिन की तरह, ज़्यादातर मरीज़ों के लिए नतीजों को बनाए रखने के लिए लगातार इस्तेमाल की ज़रूरत पड़ सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि इलाज की योजनाएं मरीज़ों की व्यक्तिगत ज़रूरतों के हिसाब से बनाई जाती हैं।
