Novartis India ने अपने डिस्ट्रिब्यूशन मॉडल में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी अब Voveran और Calcium Sandoz जैसे बड़े ब्रांड्स का कंट्रोल अपने हाथों में लेगी और Dr. Reddy’s के साथ अपना एग्रीमेंट **30 सितंबर, 2026** से खत्म कर रही है।
नई रणनीति और बड़ा बदलाव
जुलाई 2026 में ChrysCapital-led कंसोर्टियम द्वारा 70.68% हिस्सेदारी खरीदे जाने के बाद, Novartis India अब पूरी तरह से 'इन-हाउस' मॉडल की ओर बढ़ रही है। कंपनी का लक्ष्य अब सीधे तौर पर Voveran, Calcium Sandoz और Tegrital जैसे ब्रांड्स की कमान संभालना है। इसके लिए 30 सितंबर, 2026 से Dr. Reddy’s Laboratories के साथ चल रही डिस्ट्रिब्यूशन और प्रमोशन पार्टनरशिप को समाप्त किया जा रहा है।
टियर-2 और टियर-3 पर फोकस
नए मैनेजिंग डायरेक्टर और CEO विकास गुप्ता के नेतृत्व में कंपनी अब भारत के छोटे शहरों पर दांव लगा रही है। कंपनी का मानना है कि टियर-2 और टियर-3 शहरों में क्रॉनिक बीमारियों के इलाज की मांग काफी अधिक है, जिसे अब तक सही तरीके से एड्रेस नहीं किया गया है। खुद डिस्ट्रिब्यूशन संभालने से कंपनी को अपनी प्राइसिंग और प्रोडक्ट सप्लाई चेन पर बेहतर पकड़ मिलेगी।
फाइनेंशियल हेल्थ और चुनौतियां
कंपनी के हालिया जून तिमाही के आंकड़े मजबूत संकेत दे रहे हैं:
- रेवेन्यू: ₹103.8 करोड़, जो पिछले साल के मुकाबले 18.6% ज्यादा है।
- नेट प्रॉफिट: ₹32.2 करोड़, जिसमें 16.6% का उछाल दर्ज किया गया है।
कंपनी फिलहाल एक 'डेब्ट-फ्री' (कर्जमुक्त) इकाई है, लेकिन इस बदलाव के साथ कुछ जोखिम भी जुड़े हैं। इन-हाउस डिस्ट्रिब्यूशन मॉडल के लिए बड़े ऑपरेशनल ओवरसाइट की जरूरत होगी, जबकि कंपनी का परमानेंट स्टाफ बेस फिलहाल काफी छोटा है। इसके अलावा, ग्लोबल पैरेंट कंपनी Novartis AG से अलग होने के कारण 'रीब्रांडिंग' का दौर भी कंपनी के सामने एक नई चुनौती पेश कर सकता है।
AGM पर निवेशकों की नजर
निवेशकों की नजरें अब 24 सितंबर, 2026 को होने वाली 78वीं एनुअल जनरल मीटिंग (AGM) पर टिकी हैं। यहां कंपनी के नए नाम, ट्रांजिशन प्लान और मार्जिन को बरकरार रखते हुए विस्तार करने की भविष्य की योजनाओं पर चर्चा होना तय है।
