Novartis India के शेयरों में बीते तीन दिनों में **51%** की तूफानी तेजी आई है। इस उछाल की मुख्य वजह कंपनी द्वारा Pfizer से 'Minipress' और 'Minipres' ब्रांड पोर्टफोलियो को **₹1,250 करोड़** में खरीदना है।
52-वीक हाई पर स्टॉक
निवेशकों के जबरदस्त उत्साह के चलते Novartis India का शेयर गुरुवार को ₹2,474.90 के अपने 52-वीक हाई पर पहुंच गया। इस डील की घोषणा के बाद से महज तीन ट्रेडिंग सेशन में शेयर में 51% की बड़ी तेजी दर्ज की गई है।
क्या है ये डील?
इस ₹1,250 करोड़ के समझौते के तहत, Novartis को 'Minipress XL' दवा के ट्रेडमार्क और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी का अधिकार मिल गया है। यह दवा हाइपरटेंशन और प्रोस्टेट से जुड़ी समस्याओं के इलाज में काम आती है। Pfizer ने 7 सितंबर, 2026 से भारत में इन प्रोडक्ट्स की मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन पूरी तरह बंद कर दिया है, जिससे अब पूरा अधिकार Novartis के पास आ गया है।
नई मैनेजमेंट की बड़ी रणनीति
जुलाई 2026 में प्राइवेट इक्विटी फर्म ChrysCapital द्वारा 70.68% हिस्सेदारी खरीदने के बाद यह कंपनी का पहला बड़ा कदम है। नई मैनेजमेंट अब कार्डियोवैस्कुलर और यूरोलॉजी सेगमेंट में अपनी पकड़ मजबूत करना चाहती है।
फाइनेंशियल नजरिया और रिस्क
जुलाई 2026 तक, 'Minipress XL' ब्रांड ने लगभग ₹228.6 करोड़ का रेवेन्यू दिया है। हालांकि, पिछले चार सालों में इसकी सालाना ग्रोथ रेट 6.3% रही है, जो कि मार्केट के 9% की एवरेज ग्रोथ से थोड़ी कम है।
निवेशकों के लिए सलाह है कि इतनी कम समय में 51% की तेजी के बाद शेयर में उतार-चढ़ाव (Volatility) बढ़ सकता है। कंपनी की भविष्य की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि वह कैसे इस पुराने ब्रांड को अपनी नई स्ट्रैटेजी के साथ जोड़ती है और मार्केट में इसकी ग्रोथ को कैसे रफ्तार देती है।
