फार्मा जगत से एक बड़ी खबर सामने आई है। Novartis India ने Pfizer के मशहूर हाइपरटेंशन ब्रांड 'Minipress' को **₹1,250 करोड़** में खरीद लिया है। इस डील के ऐलान के बाद कंपनी के शेयरों में करीब **4%** की तेजी देखी गई।
पोर्टफोलियो में बड़ा विस्तार
इस डील के जरिए Novartis India ने 'Minipress' और 'Minipres' ट्रेडमार्क के साथ-साथ सभी संबंधित इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी का अधिग्रहण कर लिया है। यह ब्रांड मुख्य रूप से हाइपरटेंशन (ब्लड प्रेशर) और प्रोस्टेट से जुड़ी समस्याओं के इलाज में इस्तेमाल होता है। डेटा के मुताबिक, इस ब्रांड का सालाना रेवेन्यू लगभग ₹228.6 करोड़ है और पिछले चार वर्षों में इसने 6.3% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट दर्ज की है।
क्यों पीछे हट रहा है Pfizer?
यह फैसला Pfizer की ग्लोबल स्ट्रेटेजी का हिस्सा है, जिसके तहत कंपनी दुनिया भर में इस प्रोडक्ट लाइन का उत्पादन बंद कर रही है। भारत में अब Pfizer इस दवा की मार्केटिंग और डिस्ट्रीब्यूशन पूरी तरह से बंद कर देगी। इस फैसले के चलते, Pfizer Ltd को उसकी पेरेंट कंपनी से करीब ₹131.38 करोड़ का लंप-सम पेमेंट भी मिलेगा।
वैल्यूएशन पर निवेशकों की नजर
दिलचस्प बात यह है कि ₹1,250 करोड़ की यह डील ब्रांड के सालाना रेवेन्यू के मुकाबले 5.5 गुना ज्यादा है। विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी ने ब्रांड की वर्तमान कमाई से कहीं ज्यादा पैसा उसकी भविष्य की वैल्यू और बाजार में पैठ बनाने के लिए दिया है।
हालांकि, चुनौतियां भी कम नहीं हैं। हाइपरटेंशन का बाजार काफी कॉम्पिटिटिव है, जहाँ Alembic Pharmaceuticals जैसी कई कंपनियां इस दवा के जेनेरिक वर्जन बेच रही हैं। अब बाजार की नजर इस बात पर होगी कि Novartis इस ब्रांड की लॉयल्टी को कैसे बनाए रखती है और सप्लाई चेन को कितनी सुचारू रूप से मैनेज करती है।
