Novartis India ने बड़ा दांव खेलते हुए Pfizer के हाइपरटेंशन ड्रग 'Minipress' के ट्रेडमार्क **₹1,250 करोड़** में खरीदे हैं। इसके साथ ही कंपनी ने रेटिनल ट्रीटमेंट के लिए डिस्ट्रिब्यूशन राइट्स भी हासिल किए हैं। ChrysCapital के टेकओवर के बाद कंपनी का यह पहला बड़ा एक्सपेंशन है।
बिजनेस मॉडल में बड़ा बदलाव
जुलाई 2026 में ChrysCapital द्वारा 70.68% हिस्सेदारी खरीदने के बाद, Novartis India अब पूरी तरह नई रणनीति के साथ आगे बढ़ रही है। कंपनी अब केवल पेरेंट कंपनी के जेनेरिक ब्रांड्स की डिस्ट्रिब्यूटर बनकर नहीं रहना चाहती, बल्कि खुद के पोर्टफोलियो को मजबूत करने पर ध्यान दे रही है।
डील्स की पूरी जानकारी
- Minipress अधिग्रहण: कंपनी ने Pfizer के 'Minipress' और 'Minipres' के ट्रेडमार्क और इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ₹1,250 करोड़ में खरीदे हैं। यह दवा हाइपरटेंशन और प्रोस्टेट संबंधी समस्याओं में काम आती है।
- Ophthalmology में एंट्री: कंपनी ने Novartis Healthcare Private Limited (NHPL) के साथ एक करार किया है। इसके तहत ₹10 करोड़ के अपफ्रंट पेमेंट के साथ, कंपनी 'Accentrix' और 'Pagenax' जैसी रेटिनल थेरेपी को प्रमोट और डिस्ट्रिब्यूट करेगी।
निवेशकों के लिए संकेत
कंपनी का बैलेंस शीट फिलहाल कर्ज-मुक्त (debt-free) है, जो इन निवेशों के लिए अच्छा संकेत है। हालांकि, बाजार के जानकारों का मानना है कि इन नए एसेट्स को मौजूदा बिजनेस में इंटिग्रेट करना एक बड़ी चुनौती होगी। चूंकि 'Minipress' की पुरानी ग्रोथ मार्केट के मुकाबले धीमी रही है, इसलिए निवेशकों की नजरें इस बात पर टिकी होंगी कि नई मैनेजमेंट कैसे इसे रफ्तार देती है। फार्मा सेक्टर के इस कॉम्पिटिटिव दौर में कंपनी की सेल्स और मार्केटिंग स्ट्रेटेजी आने वाले समय में प्रॉफिट मार्जिन तय करेगी।
