Nifty Pharma: फार्मा सेक्टर में तूफानी तेजी! रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा इंडेक्स, इन स्टॉक्स ने भरी उड़ान

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AuthorKaran Malhotra|Published at:
Nifty Pharma: फार्मा सेक्टर में तूफानी तेजी! रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचा इंडेक्स, इन स्टॉक्स ने भरी उड़ान

शुक्रवार के कारोबार में Nifty Pharma इंडेक्स ने **27,263.95** का नया रिकॉर्ड स्तर छू लिया है। इस तेजी के पीछे CDMO कंपनियों का बड़ा हाथ है, जहां बेहतर अर्निंग्स और रेगुलेटरी अप्रूवल के चलते Laurus Labs, Sun Pharma और Piramal Pharma जैसे शेयरों में जोरदार खरीदारी देखी गई है।

शुक्रवार के सत्र में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर Nifty Pharma इंडेक्स 27,263.95 के शिखर पर पहुंच गया। निवेशकों का झुकाव अब पारंपरिक जेनेरिक दवाओं से हटकर हाई-वैल्यू मैन्युफैक्चरिंग सर्विसेज की ओर बढ़ रहा है।

CDMO का बढ़ता क्रेज

इस तेजी का मुख्य ड्राइवर 'कॉन्ट्रैक्ट डेवलपमेंट एंड मैन्युफैक्चरिंग ऑर्गेनाइजेशन' यानी CDMO सेक्टर है। ये कंपनियां ग्लोबल फार्मा दिग्गजों के लिए रिसर्च और मैन्युफैक्चरिंग का काम संभालती हैं। जेनेरिक दवाओं की तुलना में इसमें मार्जिन कहीं ज्यादा और स्थिर होता है। ग्लोबल कंपनियां अब सप्लाई चेन को डायवर्सिफाई करने के लिए भारत की ओर देख रही हैं, जिसका सीधा फायदा इन कंपनियों को मिल रहा है।

बड़े प्लेयर्स का प्रदर्शन

Laurus Labs का शेयर 6% चढ़कर ₹2,385.80 के रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। कंपनी अब खुद को एक पूरी तरह से CDMO प्लेटफॉर्म में बदलने पर जोर दे रही है और फाइनेंशियल ईयर 2029 तक अपना आधा रेवेन्यू इसी सेगमेंट से जुटाने का लक्ष्य रखा है।

Sun Pharmaceutical Industries में भी 5% की बढ़त दिखी और यह ₹2,528 पर बंद हुआ। कंपनी का कुल सेल्स ₹16,100 करोड़ रहा, जबकि ऑपरेटिंग प्रॉफिट (EBITDA) 4.8% बढ़कर ₹4,743.9 करोड़ पर पहुंच गया। इसके अलावा, अमेरिका में ILUMYA दवा के लिए USFDA अप्रूवल ने भी सेंटीमेंट को मजबूती दी है।

वहीं, Piramal Pharma ने ₹239.50 का 52-वीक हाई टच किया। कंपनी ने फाइनेंशियल ईयर 2027 के लिए रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस को बढ़ाकर 19-20% कर दिया है।

निवेशकों के लिए चेतावनी

सेक्टर का आउटलुक भले ही मजबूत हो, लेकिन निवेशकों को रिस्क को भी समझना होगा। CDMO कारोबार में बड़े पैमाने पर कैपिटल खर्च (Capex) की जरूरत होती है, जो शॉर्ट टर्म में कैश फ्लो पर दबाव डाल सकता है। साथ ही, इन कंपनियों का भविष्य USFDA के अप्रूवल पर टिका है। रेगुलेटरी देरी या फैसिलिटी इंस्पेक्शन में कोई भी समस्या रेवेन्यू पर असर डाल सकती है।

Disclaimer: This article is published for informational purposes only. This is not a buy sell recommendation.